मंदिर-मंदिर पूजा, रामेश्वरम के समुद्र में डुबकी… PM मोदी ने साउथ बनाम नॉर्थ विवाद किया खत्म

नई दिल्ली: अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर उद्घाटन को लेकर देश में गजब का उत्साह है, पूरा देश राम भक्ति में डूबा है। पीएम मोदी खुद राम के आगमन की तैयारियों में जुटे हैं। ‘राम व्रती’ मोदी दक्षिण भारत के मंदिर-मंदिर घूम रहे हैं। दक्षिण भारत से पीएम मोदी की ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो शायद पहले कभी ना आई हों। पीएम मोदी कहीं हाथी से आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं तो कहीं मंदिर में रामायण सुनते दिख रहे हैं। वहीं रामेश्वर के समुद्र में डुबकी लगाते मोदी की तस्वीर और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। पीएम मोदी नासिक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के मंदिरों में पूजा अर्चना कर रहे हैं। इन सभी मंदिरों का राम और अयोध्या से खास कनेक्शन है।उधर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पीएम मोदी के दक्षिण दौरे के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। दरअसल इस साल लोकसभा चुनाव है और बीजेपी की स्थिति दक्षिण के राज्यों में मजबूत नहीं है। बीते साल बीजेपी ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव में तो शानदार जीत हासिल की, लेकिन तेलंगाना में बीजेपी की बुरी हार हुई। इस हार के बाद देश में दक्षिण बनाम उत्तर भारत के मुद्दा फिर से उबाल में आया और चर्चा होने लगी कि बीजेपी की हालत दक्षिण में काफी खराब है। दक्षिण के कुछ नेताओं ने तो सीधे तौर पर कहा कि बीजेपी सिर्फ हिंदी भाषी राज्यों में ही जीत सकती है।बीजेपी का मिशन दक्षिण बीजेपी अपनी चुनावी रणनीति काफी सोच समझकर तैयार करती है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी जहां खुद को कमजोर महसूस करती है, वहां पार्टी की मजबूती का जिम्मा पीएम मोदी के कंधों पर डाल दिया जाता है। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दक्षिण भारत में बीजेपी की नाव को पार लगाने की जिम्मेदारी भी पीएम मोदी पर है। पीएम मोदी लगातार दक्षिण भारत के दौरे पर हैं। बीजेपी ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव में तेलंगाना की 17 सीटों में से 4 पर जीत हासिल की थी। बीजेपी कर्नाटक और तेलंगाना के अलावा केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों में अपना आधार मजबूत करना चाहती है। ऐसे में राम मंदिर उद्घाटन से पहले पीएम मोदी दक्षिण के मंदिरों का दौरा कर रहे हैं।400 सीटों के लिए जरूरी दक्षिण का साथबीजेपी ने आगाामी लोकसभा चुनाव में 400 सीटों का टारगेट रखा है। बीजेपी को इस टारगेट को पाने के लिए उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण का किला भी भेदने की जरूरत है। दरअसल ये वही राज्य हैं, जहां बीजेपी का प्रदर्शन अब तक अच्छा नहीं रहा है। पीएम मोदी ने जानते हैं कि दक्षिण भारत केो साथ लिए बिना 400 का लक्ष्य मुश्किल है। ऐसे में साल की शुरुआत से ही दक्षिण के राज्यों के सफर पर पीएम मोदी निकल गए थे। यहां न सिर्फ उन्होंने तमाम योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, बल्कि प्रमुख मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना भी की।गोमूत्र स्टेट वाले बयान से बौखला गई थी बीजेपीI.N.D.I.A गठबंधन के अहम साझेदार डीएमके के सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार ने संसद के शीतकालीन सत्र में बीजेपी को गोमूत्र स्टेट वाली पार्टी बताया था।सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार ने लोकसभा में कहा था कि बीजेपी सिर्फ हिन्दी हार्टलैंड में ही जीत सकती है। जिसे हम आमतौर पर गौमूत्र स्टेट कहते हैं। दक्षिण के राज्य, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना में बीजेपी का कोई वजूद नहीं है। उनका इशारा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में मिली बीजेपी की जीत की ओर था। सेंथिलकुमार ने तेलंगाना की हार का जिक्र करते हुए संसद में कहा था बीजेपी दक्षिण भारत में नहीं आ सकती। सेंथिलकुमार के इस बयान का बीजेपी ने पुरजोर विरोध किया था। विरोध बढ़ते देख सेंथिलकुमार ने अपने बयान पर खेद प्रकट कर लिया था।अग्नितीर्थम में पीएम मोदी का पवित्र स्नान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर का दौरा किया और पूजा-अर्चना की। रामनाथस्वामी मंदिर के मुख्य देवता भगवान शिव हैं और व्यापक मान्यता है कि भगवान राम और सीता ने यहां पूजा की थी। मोदी तिरुचिरापल्ली से हेलीकॉप्टर से अमृतानंद स्कूल परिसर, रामेश्वरम पहुंचे और अग्नितीर्थम में पवित्र स्नान किया। मोदी ने मंदिर में भजन संध्या में हिस्सा लिया। वह तमिल परंपराओं के अनुसार वेष्टि लपेटे हुए थे। रामेश्‍वरम चार धामों में से एक है। तीन अन्य धाम बद्रीनाथ, जगन्‍नाथ पुरी और द्वारका पुरी हैं। तमिलनाडु पुलिस द्वारा रामेश्वरम में तीन स्तरीय भारी सुरक्षा तैनात की गई थी। तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए थे, जबकि धनुषकोडी में तट रक्षक बल भी समुद्र में गश्त कर रहे थे।