दिन में पारा 52 डिग्री के पार, तो शाम को झमाझम बारिश… दिल्ली में मौसम की अजब चाल

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से भयंकर गर्मी का प्रकोप जारी है। आज दिल्ली में पारा 52.3 डिग्री तक पहुंच गया जो ऑल टाइम हाई है। देश में सबसे ज्यादा तापमान दिल्ली के मुंगेशपुर में दर्ज किया गया। विभाग ने पहले ही राजधानी में लू का रेड अलर्ट जारी किया हुआ है। इतनी भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। हालांकि शाम होते-होते दिल्ली-नोएडा वालों को मौसम ने राहत भी दे दी। कई इलाकों में अचानक से मौसम का मिजाज बदल गया और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई।दोपहर में 52 डिग्री पारा, तो शाम को बारिशदिल्ली में बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे देश का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान 52.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इतनी भीषण गर्मी के दो घंटे बाद ही मौसम का मिजाज बदल गया और आसमान में घने बादल छा गए। देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिसने लोगों को राहत दिलाई। दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद समेत एनसीआर के अन्य इलाकों में भी मौसम बदल गया। हालांकि बारिश कुछ देर ही रही। बारिश के दौरान लोगों ने खूब एन्जॉय किया।मौसम विभाग के अनुमान से ज्यादा पहुंचा तापमानबता दें कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी। मंगलवार को अधिकतम तापमान 50 डिग्री के आसपास, वहीं न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री पहुंच गया था। मौसम विभाग ने पहले ही राजधानी के ज्यादातर इलाकों में भीषण गर्मी की चेतावनी दी थी। मौसम विभाग ने आज के लिए अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री रहने का अनुमान लगाया था। लेकिन, आज दोपहर ढाई बजे मुंगेशपुर स्थित मौसम केंद्र ने 52.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया, जो पूरे भारत में अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है। मुंगेशपुर में क्यों दर्ज किया गया सबसे ज्यादा पारा?मौसम विभाग के क्षेत्रीय प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार, राजस्थान से आने वाली गर्म हवाएं सबसे पहले दिल्ली के बाहरी इलाकों जैसे मुंगेशपुर और नरेला पहुंचती हैं, जिससे वहां बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है। उन्होंने कहा, दिल्ली के कुछ इलाके इन गर्म हवाओं को सबसे पहले झेलते हैं, जिससे वहां का मौसम और भी गंभीर हो जाता है। मुंगेशपुर, नरेला और नांगलोई जैसे इलाकों में सबसे पहले इन हवाओं का असर पड़ता है।’इसके अलावा प्राइवेट वेदर एजेंसी स्काईमेट के वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि खुले इलाकों में जहां खाली जमीन होती है, वहां सूरज की तेज किरणें सीधे पड़ती हैं और छाया नहीं मिलती, जिससे ये इलाके बहुत ज्यादा गर्म हो जाते हैं। पश्चिम दिशा से हवा चलने पर सबसे पहले यही इलाके प्रभावित होते हैं। चूंकि ये बाहरी इलाके हैं, इसलिए यहां तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है।