तेजस्वी को रहेगा नीतीश के खुद लड़खड़ाने का इंतजार! जानिए लालू परिवार की सियासी प्लानिंग

पटना: बिहार में राजनीतिक उठापटक के बीच आरजेडी से मुख्यमंत्री का नाता तोड़ना। बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाना। ये सारे घटनाक्रम तेजस्वी यादव के नेतृत्व की एक परीक्षा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में अपनी योग्यता साबित कर चुके तेजस्वी यादव चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़े थे। अपने बीमार पिता को लेकर परेशान रहे तेजस्वी ने हमेशा सब्र बनाए रखा। सियासी जानकार मानते हैं कि तेजस्वी यादव को बिहार की राजनीति में लालू यादव की जगह लेते हुए देखा जा सकता है। पिछले विधानसभा चुनाव में तेजस्वी ने अपनी राजनीतिक निपुणता दिखाई। उन्हें आरजेडी को विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनाने का श्रेय दिया जाता है। तेजस्वी ने जेडीयू के इस बार नाता तोड़ने के बाद भी सियासी परिपक्वता दिखाई। तेजस्वी ने अपने विधायकों के उस दबाव को टाल दिया। जिसमें बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश करने की सलाह दी गई। लालू परिवार की प्लानिंग 243 सदस्यीय सदन में आरजेडी के 79 विधायक हैं। तेजस्वी ने अपनी पार्टी के विधायकों की बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लोगों के पास जाएगी। ये बताएगी कि उन्होंने महागठबंधन सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में क्या-क्या किया है। तेजस्वी यादव ने अपनी छवि कुछ अलग बनाई है। उन्होंने खुद को विकास पुरुष की श्रेणी में रखा है। पिता के शासन और खुद के शासन के बीच एक लकीर खींच दी है। जिसे सब लोग स्वीकार करते हैं। रविवार को राजद की ओर से अखबार में एक पूरे पेज का विज्ञापन चलाया गया। जिसमें ये लिखा गया था कि धन्यवाद तेजस्वी। आपने कहा, आपने किया और आप ही करेंगे। उसके आगे लिखा गया था कि 4 लाख से अधिक सरकारी नौकरी देने के लिए। लाखों बहाली और नौकरी को प्रक्रियाधीन करने के लिए। देश में पहली बार जातिगत सर्वे कराने के लिए। 75 फीसदी आरक्षण की सीमा बढ़ाने के लिए। नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के लिए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव रखने के लिए। स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए। आपको धन्यवाद।तेजस्वी को धन्यवाद विज्ञापन में आगे कहा गया कि शहरों में वाटर ड्रेनेज व्यवस्था कराने के लिए। सड़कों पुलों और बाईपास का निर्माण के लिए। खेलों में मेडल लाओ और नौकरी पाओ योजना लागू करने के लिए। बिहार में पहली बार टूरिज्म पॉलिसी और स्पोर्ट्स पॉलिसी और आईटी पॉलिसी लाने के लिए। विकास मित्र, टोला सेवक, शिक्षा मंत्री और तालिमी मरकज का मानदेय बढ़ाने के लिए। विकास और निवेश के बड़े-बड़े प्रोजेक्ट के लिए। पर्यटन बढ़ाने के लिए आपका धन्यवाद। ये विज्ञापन श्रेय लेने के बारे में है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि नीतीश को राज्य में 10 लाख नौकरियां प्रदान करने के हमारे 2020 के नारे को अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने विधानसभा चुनावों के दौरान इसकी आलोचना की थी कि पैसा कहां से आएगा। विज्ञापन में कई बातें ऐसी थीं, जिसका श्रेय सिर्फ राजद को नहीं जाता है। महागठबंधन की सरकार में जातिगत सर्वे हुआ। राज्यकर्मी का दर्जा दिलाने वाली बात नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही हुई। हालांकि इन सभी बातों के लिए आरजेडी की ओर से तेजस्वी यादव को धन्यवाद दिया गया है।नीतीश के लड़खड़ाने का इंतजार राजद नेता कहते हैं कि हमने सामाजिक न्याय के मुद्दे को आर्थिक न्याय के दायरे में लाया। 2020 के विधानसभा चुनाव परिणाम से पता चला कि युवा हमारे साथ हैं। अब हम वोटरों को ये बताएंगे कि हमने हाल के दिनों में पंचायत स्तर पर क्या किया है। हम नीतीश कुमार को सभी बातों का श्रेय लेने नहीं देंगे। उसके अलावा हम लोग नीतीश कुमार के खुद लड़खड़ाने का इंतजार करेंगे। इस बार नीतीश कुमार हमें दोष नहीं दे सकते। लालू यादव के परिवार की ओर से सियासी प्लानिंग फिक्स कर दी गई है। आरजेडी के सरकार से बाहर होते ही एक विशेष निर्देश लालू की ओर से जारी किया गया है। जिसमें तेजस्वी यादव को अब घर बैठना नहीं है। तेजस्वी यादव सहित राजद के बाकी नेता अब पूरे बिहार का दौरा करेंगे। इस दौरे में वे लोगों को नीतीश कुमार के बारे में बताएंगे। इसके अलावा सरकारी की उपलब्धि को लोगों के सामने रखेंगे। तेजस्वी यादव ने कहा है कि लोगों को 17 साल बनाम 17 महीने की सरकार के काम का असर दिखेगा। जनता हमारे साथ होगी।तेजस्वी का नीतीश पर हमला तेजस्वी यादव ने पहली बार बयान देते हुए कहा कि विभाग हमारा है। तो हम क्रेडिट क्यों न लें। ये मुख्यमंत्री जी जो 2020 के चुनाव में कहते थे। कहां से पैसा लाएगा। कहां से नौकरी देगा। हमारी जो सरकार बनी थी। इनके नेतृत्व में 9 अगस्त, 2022 में बनी थी। और 15 अगस्त को मुख्यमंत्री जी ने ऐलान किया था। ये किसका विजन था। ये किसकी सोच थी। जो मुख्यमंत्री ये कहता था कि असंभव है नौकरी देना। उसको हमने एक हफ्ते के अंदर जो है। एक सप्ताह के अंदर बुलाने का काम किया। जो कहता था असंभव है। उन्होंने कहा कि हमने जो विकास का काम किया। नई-नई नीति लाई। टूरिज्म हमारे पास था। हमने टूरिज्म पॉलिसी लाया। हमलोगों ने आईटी पॉलिसी लाई। कई तरह की पॉलिसी लाने का काम किया। जो खेलेगा, उसको भी सरकारी नौकरी मिलेगा। जो पढ़ेगा उसको भी सरकारी नौकरी मिलेगा। शिक्षा विभाग हमारे पास था, हमने लगातार नौकरी देने का काम किया। 17 महीने में ऐतिहासिक काम हुआ है। बीजेपी और नीतीश जी की सरकार 17 साल रही। 17 साल और 17 महीने जो काम हुआ। एक विभाग ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का काम किया। दो महीने के अंदर लाखों नौकरी बांटने का काम किया।