निवेश का टार्गेट और प्रवासियों का सम्मान… जानिए इंदौर को प्रवासी भारतीय समारोह के लिए क्यों चुना गया?

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मध्य प्रदेश के इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. आयोजन के दूसरे दिन यानी सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इंदौर पहुंचे. नई दिल्‍ली, बेंगलुरू और बनारस के बाद इंदौर को इस खास कार्यक्रम के लिए क्‍यों चुना गया, इसकी भी कई वजह हैं. जिस भी राज्‍य को इस खास दिवस के लिए चुना जाता है, वहां के सबसे प्रमुख शहर को आयोजन की जिम्‍मेदारी सौंपी जाती है. किसी शहर को प्रवासी दिवस समारोह के लिए चुनने के पीछे उसकी उपलब्‍ध‍ियां होती हैं. जानिए, इंदौर को इस खास कार्यक्रम के लिए क्‍यों चुना गया?

इस आयोजन के लिए चुने गए पिछले शहरों का रिकॉर्ड देखें तो एक बात साफ है कि उन्‍हीं शहरों का चुनाव किया गया है जो कल्‍चर, अर्थव्‍यवस्‍था या विकास के नजरिए से देश ही तरक्‍की और नाम रोशन में करने में अहम योगदान दे रहे हैं. इंदौर की भौगोलिक स्थिति और अर्थव्‍यवस्‍था इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. मिनी मुंबई के नाम से पहचाने जाने वाले इंदौर देश के दूसरे सबसे बड़े राज्‍य का सबसे विकसित और आधुनिक शहर है. इंदौर में सोमवार से इंवेस्‍टर्स समिट की शुरुआत भी हो गई है जो राज्‍य में निवेश का दायरा बढ़ाने का काम करेगी. इसलिए भी इंदौर को इस आयोजन के लिए चुना गया है.

जनसंख्‍या के लिहाज से मध्‍य प्रदेश देश का पांचवा सबसे बड़ा राज्‍य है और पांच राज्‍यों की सीमा इससे लगती है. यह देश की 50 फीसदी आबादी का प्रवेशद्वार है. इंदौर मध्‍य प्रदेश का सबसे हाइटेक, व्‍यवस्थित और देश के सबसे स्‍वच्‍छ शहरों में एक है. इंदौर हिन्‍दुस्‍तान के दिल में भी है और इसी साल यहां चुनाव भी होने हैं. इतना ही नहीं इंडस्‍ट्री के लिहाज से देखें तो इंदौर कई मायनों में दूसरे शहरों से आगे है.

ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री के लिहाज से इंदौर अहम है क्‍योंकि राज्‍य में सबसे बड़े ऑटोमोबाइल क्‍लस्‍टर इंदौर और भोपाल में ही हैं. इंदौर में एशिया का सबसे लम्‍बा और तेज टेस्टिंग ट्रैक है. पिछले साल हुई इंवेस्‍टर्स समिट में भी यहां निवेश करने के लिए 4 से 5 प्रस्‍ताव आ चुके हैं. पिछले कुछ समय से इंदौर टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्री के तौर पर उभरा है. यहां अपेरल डिजाइनिंग सेंटर्स का दायरा बढ़ा है.

इंदौर और आसपास के शहर मिलकर फार्मा इंडस्‍ट्री से जुड़े एक लाख लोगों को रोजगार दे रहे हैं. मध्‍य प्रदेश में कुल 73 फार्मेसी इंस्‍टीट्यूट हैं. अब यहां फार्मा इंडस्‍ट्र‍ियल पार्क बनाने की तैयारी चल रही है. इतना ही नहीं, 50 हजार कैरेट हीरे का उत्‍पादन करने वाला मध्‍य प्रदेश देश का पहला राज्‍य है.