पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान में तेज भूकंप, 6.8 के तीव्रता वाले झटके, रावलपिंडी से काबुल तक अफरा-तफरी

इस्‍लामाबाद: भारत के अलावा, अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान में मंगलवार को भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। बताया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र था। पाकिस्‍तान के मौसम विभाग के अलावा अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की तरफ से भी इस भूकंप की पुष्टि की गई है। रिक्‍टर स्‍केल पर भूकंप की तीव्रता 6.8 बताई जा रही है। पाकिस्‍तान के अखबार डॉन के मुताबिक इस्‍लामाबाद, पेशावर और लाहौर में ये झटके महसूस किए गए हैं। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे की तरफ से बताया गया है कि भूकंप ने अफगानिस्‍तान के भी कुछ हिस्‍सों को हिला दिया। भूकंप की वजह से अभी किसी भी तरह के नुकसान की कोई जानकारी नहीं है। 30 सेकेंड तक महसूस हुए झटके रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, पाकिस्‍तान मौसम विभाग के महानिदेशक (डीजी) महर साहिबजाद खान ने कहा कि इस्लामाबाद, पेशावर, लाहौर, रावलपिंडी, क्वेटा, कोहाट, लक्की मरवत, डेरा इस्माइल खान, दक्षिण वजीरिस्तान और देश के अन्य इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। डीजी के मुताबिक अब तक जान-माल के नुकसान की कोई जानकारी नहीं है। न्‍यूज एजेंसी की मानें तो प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि कम से कम 30 सेकंड भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।डर के मारे कुरान पढ़ने लगे लोग रावलपिंडी में लोग अपने घरों से बाहर भाग रहे थे और कुरान पढ़ रहे थे। इस्लामाबाद, लाहौर और देश के अन्य हिस्सों से ऐसी ही खबरें आ रही हैं। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद टीवी फुटेज में नागरिकों को अपने घरों और इमारतों से बाहर सड़कों पर दिखाया गया। पाकिस्‍तान के मौसम विभाग की मानें तो उत्‍तरी अफगानिस्‍तान में स्थित बदख्शा था जो कि हिंदूकुश क्षेत्र में ही आता है। यूएसजीएस की तरफ से कहा गया है कि रिक्‍टर स्‍केल पर भूकंप की तीव्रता 6.5 थी। तजाकिस्‍तान बॉर्डर तक कांपा यूएसजीएस की मानें तो भूकंप का केंद्र 40 किलोमीटर दूर अफगानिस्‍ता का जुर्म टाउन था जो कि दक्षिण-दक्षिण पूर्व में पड़ता है। पाकिस्‍तान और तजाकिस्‍तान की सीमाओं पर भी भूकंप का झटका महसूस किया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक अफगानिस्‍तान की राजधानी काबुल में भी तेज झटके आए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिण एशिया के एक बड़े हिस्‍सा भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। यहां पर एक टेक्टोनिक प्लेट जिसे भारतीय प्लेट के रूप में जाना जाता है वो उत्तर की तरफ यूरेशियन प्लेट की तरफ जा रही है। पिछले साल पूर्वी अफगानिस्तान में 6.1 वाले भूकंप में 1,000 से अधिक लोग मारे गए थे।