सरकारी जमीन पर कब्जा कर लगाई अंबेडकर की मूर्ति, हटवाने गए पुलिस पर किया पथराव

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा हटाने को लेकर बवाल मचा गया. जहां मामला इतना तूल पकड़ गया है प्रशासन ने जब मूर्ति हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने आक्रोश में आकर पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें पुलिस के तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं. वहीं, पूरे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है. इस मामले में ग्वालियर के एसएसपी ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. इसके साथ ही एसपी औऱ कलेक्टर भी घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके हैं.
दरअसल, ये मामला ग्वालियर जिले के भितरवार अनुभाग क्षेत्र के चरखा गांव का है. जहां गांव में सरकारी जमीन पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी गई थी. प्रशासन को जैसे ही जानकारी लगी थी वैसे ही बड़ी संख्या में पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अमला एसडीएम के साथ मौके पर पहुंच गया था. ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया पर वह मानने को तैयार नहीं थे. इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ मूर्ति को हटाने का प्रयास किया गया, तो ग्रामीणों ने घरों की छतों से जमकर पत्थरबाजी की.
पथराव के बाद पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज
वहीं, इस घटना में पुलिस के 3 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. इसके साथ ही कई पुलिसकर्मियों को भी पत्थर लगने से चोट आई है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी बलपूर्वक ग्रामीणों को खदेड़ा. साथ ही गांव में तनाव की स्थिति हो चुकी है, जिसके चलते आसपास के थानों से भारी संख्या में पुलिस बल भितरवार भेजा गया.
फिलहाल नियंत्रण में हालात
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और एसएसपी अमित सांघी भी भितरवार पहुंचे थे. फिलहाल हालात नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना से इतना तो तय है कि प्रशासन हमेशा मूर्ति हटाने की कोशिश नहीं करता था. इस बार मूर्ति हटाने की कोशिश की तो उसे ग्रामीणों के आक्रोश और पत्थरबाजी का सामना करना पड़ा.
पिछले 3 महीने में ये तीसरा मामला
बता दें कि, ग्वालियर जिले में 3 महीने के भीतर ये तीसरी घटना है. जब सरकारी जमीन पर डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा रखी गई है. वहीं, भितरवार के गोहिंदा का मामला भी इसी तरह का था. जहां निजी भूमि पर डॉक्टर आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी गई थी, जिसके बाद विवाद काफी बढ़ गया था. इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया था.