आईआईटी-बीएचयू की छात्रा से बलात्कार के मामले को लेकर कांग्रेस का राज्यव्यापी प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने वाराणसी में आईआईटी-बीएचयू की एक छात्रा से हुए बलात्कार की घटना में शामिल आरोपियों को बचाने के लिये सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए बुधवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन किया।
पार्टी ने हाल में गोरखपुर में माफिया विनोद उपाध्याय की पुलिस के साथ मुठभेड़ में हुई मौत की न्यायिक जांच की भी मांग की और आरोप लगाया कि यह सुनियोजित हत्या है क्योंकि उपाध्याय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विरोधी था।
राजधानी लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय के पास भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने आईआईटी-बीएचयू सामूहिक बलात्कार मामले में शामिल आरोपियों को बचाने की कोशिश की थी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता मनीष हिंदवी ने पीटीआई- को बताया, “पिछले साल नवंबर में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में आईआईटी की एक छात्रा ने सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान की, मगर उन्हें मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रचार के लिये भेज दिया गया। काफी दबाव पड़ने पर दो महीने बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। यह निश्चित रूप से सत्ता का दुरुपयोग है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने विनोद उपाध्याय की एसटीएफ द्वारा की गई सुनियोजित हत्या की न्यायिक जांच की भी मांग की।
हिंदवी ने कहा, उपाध्याय का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। वह मुख्यमंत्री के खिलाफ थे और पिछले दो वर्षों में उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए और उन्हें सुनियोजित तरीके से मार दिया गया।
उन्होंने आईआईटी-बीएचयू मामले में वाराणसी में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ दर्ज मामले को वापस लेने की भी मांग की।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में एक नवंबर की रात को आईआईटी की एक छात्रा अपने एक दोस्त के साथ अपने छात्रावास से बाहर गई थी। वह करमन बाबा मंदिर के पास थी, तभी मोटरसाइकिल पर तीन लोग वहां आए और उसे जबरन एक कोने में ले गए और उसे निर्वस्त्र कर उसका वीडियो बनाया और तस्वीरें खींची। बाद में छात्रा ने उससे सामूहिक बलात्कार किये जाने का भी आरोप लगाया था।
इस मामले में तीन आरोपियों कुणाल पांडे, आनंद उर्फ अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल को गत 31 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था।