यूपी में I.N.D.I.A. में सीटों का बंटवारे की जल्द घोषणा संभव, दिल्ली में कांग्रेस- सपा कर सकती है बड़ा ऐलान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के 80 सीटों पर विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति जल्द बन सकती है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी के साथ बातचीत कर उन्हें साधा। रालोद- सपा गठबंधन का ऐलान कर दिया गया। मीडिया में खबरें आईं कि रालोद को सपा लोकसभा चुनाव में 7 सीटें दे सकती है। इसके बाद अखिलेश यादव ने कांग्रेस को 11 सीटों पर चुनाव लड़ाने की घोषणा कर दी। हालांकि, अखिलेश यादव की घोषणा के बाद कांग्रेस की ओर से बयान आया कि अभी तक सीटों के बंटवारे पर वार्ता नहीं हो पाई है। जल्दी बातचीत कर I.N.D.I.A. गठबंधन के सीटों का ऐलान होगा। अभी इस मामले में बात आगे बढ़ती दिख रही है कि दिल्ली में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं के बीच बैठकों का दौर शुरू हुआ है।कांग्रेस को मिल सकती हैं 13 सीटेंयूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 22 सीट पर कांग्रेस अपनी दावेदारी कर रही है। लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी की योजना इन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की है। हालांकि, अखिलेश यादव पहले ही कांग्रेस को 11 सीटें देने का ऐलान कर चुके हैं। अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि यूपी में कांग्रेस को समाजवादी पार्टी 13 सीटें दे सकती है। इन 13 सीटों पर कांग्रेस मान भी गई है। हालांकि, दोनों दलों के सीनियर नेताओं की बैठक के बाद गठबंधन के सीट बंटवारे पर औपचारिक ऐलान संभव है।भाजपा को घेरने की तैयारीविपक्षी गठबंधन की तैयारी भाजपा को घेरने की है। अखिलेश यादव पहले से लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर रहे हैं। उनकी कोशिश उम्मीदवारों को अपनी पकड़ क्षेत्र में बढ़ाने की है। भाजपा को यूपी में कड़ी टक्कर देने के लिए सपा मजबूत उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी 60 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। वहीं, 13 सीटों पर कांग्रेस और 7 सीटों पर राष्ट्रीय लोक दल के उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।भाजपा की अभी भी जमीनी तैयारी जारीभारतीय जनता पार्टी यूपी में अपनी जमीनी तैयारियों में जुटी हुई है। पार्टी के बूथ स्तर से लेकर मंडल स्तर तक के नेताओं की बैठकें हो चुकी हैं। पार्टी जन- जन तक पहुंचने में जुटी हुई है। हालांकि, लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर अब तक कोई सुगबुगाहट नहीं दिखी है। ऐसे में विपक्षी गठबंधन उम्मीदवारों की घोषणा कर लोकसभा क्षेत्र में पकड़ बनाने पर जोर दे रहा है। भाजपा का संदेश उम्मीदवारों की जगह पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर वोट मांगने की है। ऐसे में बड़े स्तर पर प्रयास हो रहा है। सपा की कोशिश के बीच सीट बंटवारे पर बनी सहमति भी तैयारियों के मामले में विपक्षी गठबंधन को आगे बढ़ाती दिख रही है।