कनाडा ओपन: सेन फाइनल में, सिंधू सेमीफाइनल में यामागुची से हारीं

राष्ट्रमंडल खेलों के चैम्पियन लक्ष्य सेन ने यहां जापान के केंटा निशिमोटो पर सीधे गेम में जीत दर्ज कर कनाडा ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया।
सेन ने जापान के 11वीं रैंकिंग के खिलाड़ी को 21-17 21-14 से हराकर अपने दूसरे सुपर 500 फाइनल में जगह बनायी। यह एक साल में उनका पहला बीडब्ल्यूएफ फाइनल भी होगा।
सत्र के शुरु में सेन फॉर्म में नहीं थे जिससे रैंकिंग में 19वें नंबर पर खिसक गये। 2021 विश्व चैम्पियनशिप में इस 21 साल के खिलाड़ी ने कांस्य पदक जीता था। अब रविवार को फाइनल में उनका सामना चीन के लि शि फेंग से होगा जिनके खिलाफ उनका जीत का रिकॉर्ड 4-2 का है।
सेन ने कहा, ‘‘काफी खराब शुरुआत हुई, मैं शटल पर अच्छी तरह नियंत्रण नहीं बना पाया। जैसे ही मैं लय में आय तो बेहतर होता गया। ‘परफेक्ट नेटप्ले’ अहम रहा और हम दोनों ऐसा ही करने की कोशिश कर रहे थे। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘आखिर में मैंने नेट पर नियंत्रण बना लिया और स्मैश भी अच्छे रहे। तकनीकी रूप से काफी अच्छा मैच खेला। मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं। ’’
वहीं दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकीं और महिला एकल के सेमीफाइनल में जापान की नंबर एक खिलाड़ी अकाने यामागुची से 14-21 15-21 से हार गयीं।
रैंकिंग में छठे स्थान पर रह चुके सेन ने पिछला फाइनल पिछले साल अगस्त में राष्ट्रमंडल खेलों में खेला था।
वह यहां सेमीफाइनल के शुरु में 0-4 से पिछड़ रहे थे लेकिन जल्द ही उन्होंने 8-8 से बराबरी हासिल की। ब्रेक तक निशिमोटो 11-10 से बढ़त बनाये थे लेकिन जल्द ही भारतीय खिलाड़ी ने अपने पसंदीदा स्मैश और तेज रिटर्न से वापसी की और अपने प्रतिद्वंद्वी के लांग शॉट से गेम अपने नाम किया।दूसरे गेम में दोनों ने एक दूसरे को बराबरी की टक्कर दी लेकिन सेन की सतर्कता निशिमोटो पर भारी पड़ी। एक समय 2-2 के समान स्कोर के बाद दोनों 9-9 की बराबरी पर थे। ब्रेक तक सेन ने दो अंक की बढ़त बना ली।
ब्रेक के बाद सेन 19-11 से आगे थे और निशिमोटो के फिर से नेट पर शॉट लगाने से भारतीय खिलाड़ी ने मुकाबला जीत लिया।
सेन ने कहा, ‘‘स्टेडियम में काफी भारतीय समर्थक थे, वे पहले दिन से ही आ रहे हैं इसलिये यहां खेलना अच्छा है।