श्रद्धा ने साइकॉलजिस्ट को भी बताया था आफताब का कारनामा, पुलिस ने कोर्ट को सौंपा बातचीत का ऑडियो

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने सोमवार को साकेत की एक सेशन कोर्ट के सामने दावा किया कि आफताब अमीन पूनावाला को अपनी लिव इन पार्टनर श्रद्धा वालकर की हत्या का दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मिले हैं। अदालत आरोप तय करने के लिए बहस सुन रही थी। अभियोजन ने अपनी दलीलें पूरी कर लीं और बचाव पक्ष ने शुरुआत के लिए अदालत से वक्त लिया। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने श्रद्धा और आफताब की एक ऑडियो रेकॉर्डिंग पेश की, जिसमें वो अपने साइकेट्रिस्ट से बात कर रहे हैं। इस ऑडियो क्लिप में श्रद्धा बताती है कि आफताब ने उसे कई बार मारने की कोशिश की है।अदालत के सामने पेश किया गया ऑडियो क्लिपश्रद्धा ने अपने साइकेट्रिस्ट को बताया था कि आफताब ने उसे बार-बार मारने के धमकी दी थी। वहीं अदालत के सामने पेश की गई ऑडियो क्लिप में श्रद्धा को काउंसलिंग सेशन के दौरान यह कहते हुए सुना गया कि उसे मारना नहीं चाहिए था, बल्कि परेशानियों को लेकर बात करनी चाहिए था। वहीं आफताब कह रहा था कि वो वह व्यक्ति नहीं था जो वह बनना चाहता था। ये साफ नहीं हो पाया है कि श्रद्धा और आफताब का साइकेट्रिस्ट के साथ सेशन किसने बुक किया था और उन्होंने कितने सेशन अटेंड किए थे। हालांकि श्रद्धा और आफताब की रिकॉर्डिंग से ये साफ है कि उसने श्रद्धा को कई बार पीटा और एक बार उसे बेहोश कर दिया।’कई बार मारने की कोशिश की’34 मिनट के ऑडियो क्लिप में श्रद्धा को काउंसलर से यह कहते हुए सुना गया ‘मुझे नहीं पता कि उसने मुझे कितनी बार मारने की कोशिश की। यह पहली बार नहीं है जब उसने मुझे मारने की कोशिश की। आज लगभग दो उसने मुझे पीटा।’ अपने साथ होने वाले दुराचार को बताते हुए श्रद्धा ने कहा, ‘जिस तरह से आफताब ने मेरी गर्दन पकड़ी, मेरे सामने सब ब्लैक आउट हो गया था, मैं 30 सेकंड तक सांस तक नहीं ले पाई, किसी तरह मैं उसके बाल खींच कर खुद को उससे बचा पाई थी।”मुझे हमेशा आफताब से लगता है डर’उसने कहा, ‘जब वो मेरे आसपास होता है तो मैं डर-डर के रहती हूं। वो मुंबई में भी मेरे आसपास ही रहता है। मुझे हमेशा डर लगा रहता है कि इस शहर में भी वो मुझे ढूंढ लेगा और मारने की कोशिश करेगा।’ श्रद्धा ने कहा कि आफताब की प्रवृत्ति मुझे मारने की थी। ऑडियो क्लिप में श्रद्धा कहती है, ‘आफताब न केवल मार-पीट और शारीरिक हिंसा करता था बल्कि वो मुझे जान से मारने की भी कोशिश करता था, यह पहली बार नहीं है जब उसने मुझे मारने की कोशिश की।”मैं कभी ऐसा बनना नहीं चाहता था’वहीं सेशन में आफताब ने उससे कहा था कि वो कभी ऐसा बनना नहीं चाहता था। ‘ श्रद्धा ने तब उससे कहा, ‘तुम मुझे मार रहे हो, प्लीज ऐसा न करो, हमें बात करनी चाहिए, दो साल से मैं तुमसे बात करने के लिए कह रही हूं।’ अभियोजन पक्ष के अनुसार, श्रद्धा और आफताब ने तीन सेशन बुक किए थे, जिनमें से एक को रद्द कर दिया गया था।बता दें कि आरोपी ने कथित तौर पर श्रद्धा की हत्या कर उसके शव को कई दिनों तक फ्रिज में छिपाया और धीरे-धीरे शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगहों पर फेंकता रहा। एडिशनल सेशन जज मनीषा खुराना कक्कड़ ने आगे की कार्यवाही के लिए 25 मार्च की तारीख तय की है।6,629 पन्नों की चार्जशीट दायर दिल्ली पुलिस की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (एसपीपी) अमित प्रसाद और मधुकर पांडे पेश हुए। प्रसाद ने कहा कि पुख्ता सबूतों के जरिए आपत्तिजनक परिस्थितियां स्पष्ट रूप से सामने आती हैं। आफताब के लिए कानूनी सहायता काउंसिल (एलएसी) एडवोकेट जावेद हुसैन पेश हुए और उन्होंने पुलिस की दलीलों का जवाब देने के लिए अदालत से समय मांगा। मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने 21 फरवरी को पुलिस की चार्जशीट का संज्ञान लेने के बाद मामले को सेशन कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने 24 जनवरी को 6,629 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी।