फिर एक्शन में शिवराज, धांधली के आरोप में CMO और फूड इंस्पेक्टर को मंच से किया सस्पेंड

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में भले ही 1 साल बाकी है पर पार्टियां अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई हैं. ऐसे में नायक फिल्म के अंदाज में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के दौरे पर चल रहे हैं. जहां शिकायत मिलने पर अधिकारियों को मंच से सस्पेंड करते नजर आ रहे हैं. इसी क्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आए. शिवपुरी पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंच से दो अफसरों को सस्पेंड कर दिया.
वहीं, सीएम शिवराज चौहान ने नगर पालिका शिवपुरी सीएमओ शैलेश अवस्थी को मंच से किया सस्पेंड. इसके बाद पिछोर के फूड अधिकारी नरेश मांझी को भी सस्पेंड कर दिया. फूड अधिकारी नरेश मांझी पर राशन की कालाबाजारी के आरोप लगे थे.
अच्छा और बेहतर काम करो, मामा गले लगाएगा- CM शिवराज
दरअसल, इस कार्यक्रम में सीएम शिवराज ने कहा कि अच्छा काम करो, बेहतर काम करो, मामा गले लगाएगा. शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया की मांग पर सीएम ने शिवपुरी को सौगात देते हुए नगर पालिका को नगर निगम बनाए जाने की घोषणा भी कर दी. वहीं, गुना-शिवपुरी लोक सभा सांसद डॉ केपी यादव ने मंच से सिंध जलावर्धन योजना में हुए घटिया काम के बारे में सीएम से कहा कि करोड़ो रुपए की लागत सिंध जलावर्धन योजना में लग चुका है. इसके बावजूद शिवपुरी की जनता प्यासी है.
CMO और फूड अधिकारी को किया सस्पेंड
इसके अतिरिक्त सीवर प्रोजेक्ट के धीमी गति से चल रहे काम को गति प्रदान करने की बात कही. इसी दौरान नगर पालिका के भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही करने का आग्रह किया. गौरतलब है कि, सीएम शिवराज और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार को शिवपुरी में जनसेवा अभियान कार्यक्रम में पहुंचे थे.
सीएम शिवराज ने मंच से नगरपालिका सीएमओ शैलेश अवस्थी को सस्पेंड कर दिया. इसके बाद उन्होंने फूड अधिकारी नरेश मांझी को भी सस्पेंड कर दिया है.
CM ने 135 करोड़ के 34 विकास कार्यों का किया लोकार्पण
इस दौरान शिवपुरी में सीएम शिवराज ने यहां लगभग 135 करोड़ रुपए की लागत के विकास कामों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया. वहीं, कार्यक्रम में आयोजित सीएम शिवराज की सभा में ओबीसी कार्यकर्ताओं के द्वारा सीएम शिवराज को काले झंडे दिखाए गए.
साथ ही ओबीसी महासभा जिंदाबाद,शिवराज सिंह चौहान मुर्दाबाद के भी नारे लगाए गए. हालांकि, फौरन पुलिस ने सभी ओबीसी महासभा के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.