चंदन का उबटन लगाकर दूल्हा बने महाकाल, एकादशनी रुद्राभिषेक से शुरू हुआ शिव नवरात्रि महोत्सव

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व की शुरूआत पूरे उत्साह से हो गई है.सुबह भगवान चंद्रमौलेश्वरजी के पूजन के पश्चात कोटेश्वर, रामेश्वर जी का पूजन कर श्री महाकालेश्वर मंदिर गर्भगृह में शासकीय पुजारी घनश्याम गुरु के आचार्यत्व में एकादशनी रूद्रअभिषेक के साथ शिव नवरात्रि महापर्व प्रारम्भ हुआ.इस दौरान पुजारियों ने भगवान महाकाल को चंदन का उबटन लगाकर दूल्हा बनाया और भगवान को सोला, दुपट्टा व जलाधारी पर मेखला धारण कराने के साथ रजत आभूषण से श्रंगार किया गया.इसके साथ ही अब नौ दिन तक भगवान का विभिन्न रूपों में श्रंगार होगा.
पं. आशीष गुरु ने बताया की ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर मे 10 फरवरी से 9 दिवसीय शिव नवरात्रि के रूप में शिव विवाह के उत्सव का प्रारंभ हो गया है.आज से भगवान शिव को चंदन और देवी पार्वती को हल्दी लगाई गई.पुजारी कोटितीर्थ कुंड के समीप स्थित शिवजी को चंदन और माता पार्वती को हल्दी लगाई.चंद्रमौलेश्वर, कोटेश्वर व भगवान रामेश्वर के पूजन के बाद गर्भगृह में अनुष्ठान हुआ.नौ दिन तक पूजन के विशेष अनुक्रम से भोग आरती व संध्या पूजन का समय भी आज से बदलेगा.
नौ दिन यह रहेगा पूजा का क्रम
प्रात: नैवेद्य कक्ष में स्थित भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन होगा.इसके बाद कोटितीर्थ कुंड के समीप स्थित श्री कोटेश्वर महादेव का पंचामृत अभिषेक-पूजन किया जाएगा.इसके बाद मंदिर परिसर में स्थित शिव और पार्वती की प्राचीकालीन मूर्ति को चंदन और हल्दी अर्पित की जाएगी.इसके बाद रामेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना होगी.तत्पश्चात गर्भगृह में महाकाल बाबा के पूजन का क्रम शुरू होगा.पंचामृत अभिषेक पूजन के बाद पुजारी एकादशी एकादशनी रुद्र पाठ करने के बाद दोपहर एक बजे भोग आरती होगी.दोपहर 3 बजे संध्या पूजा होगी.इसके बाद भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया जाएगा.
पुजारी और भक्तो के उपवास शुरू
देवी दुर्गा की उपासना करने वाले भक्त जिस तरह चैत्र व शारदीय नवरात्र में उपवास रखते हैं.इसी प्रकार शिव के उपासक शिवनवरात्रि करते हैं.पुजारी महेश गुरु के अनुसार महाकाल मंदिर के पुजारी, पुरोहित, भक्त भी शुक्रवार से नौ दिन तक उपवास शुरू करेंगे.
21 लाख दीपकों से शहर को जगमगाएंगे
श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि और फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी पर पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है.महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर और शहर में अनूठा ही माहौल होगा.बताया जा रहा है कि हजारो शिवभक्त 21 लाख दीपकों से शहर को जगमगाएंगे.महाशिवरात्रि पर घरों और प्रतिष्ठानों में दीपक जलाए जाएंगे.