शिंदे-फडणवीस सरकार अनैतिक, मोदी नहीं हैं हिंदुत्ववादी…सुब्रमण्यम स्वामी का बीजेपी पर निशाना

पंढरपुर: बीजेपी नेता और पूर्व सांसद डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अहंकारी बताते हुए उन पर निशाना साधा। सुब्रमण्यम स्वामी स्वामी ने महाराष्ट्र की शिंदे-बीजेपी सरकार को भी अनैतिक बताया। उन्होंने कहा कि उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में पड़ा हुआ है। मंदिरों के स्वामित्व मामले में सुब्रमण्यम स्वामी स्वामी ने कहा कि सरकार को देश में मंदिरों को अपने कब्जे में लेने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी उन्होंने सारे मंदिरों को अपने हाथ में ले लिया।

पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए सुब्रमण्यम स्वामी स्वामी ने कहा, मैंने उनकी रावण से तुलना नहीं की थी लेकिन वह अहंकार में कई चीज कर रहे हैं। रावण तो मोदी से भी ज्यादा ज्ञानी था लेकिन अहंकार में डूब गया। ये भी अहंकार में किसी की सुनते नहीं हैं। एक भी चर्च को छुआ नहीं, एक मस्जिद को छुआ नहीं। हिंदुओं ने क्या पाप किया है। वह हिंदुत्ववादी नहीं है, उत्तराखंड में सारे मंदिरों को अपने हाथ में ले लिया।

सुब्रमण्यम स्वामी ने क्या कहा?
पंढरपुर में सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी किसी की नहीं सुन रहे हैं, वह हिंदू नहीं हैं, उन्होंने उत्तराखंड के सभी मंदिरों पर कब्जा कर लिया है, जो लोग सोचते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी अच्छा काम कर रहे हैं, वे सभी मोदी के चमचे हैं।’ स्वामी ने राज्य में शिंदे फडणवीस सरकार पर भी टिप्पणी की। शिवसेना को तोड़कर महाराष्ट्र में शिंदे-फडणवीस सरकार बनी थी और यह सरकार अनैतिक है। उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।’

‘सरकार को मंदिरों पर कब्जा करने का अधिकार नहीं’
मंदिरों की ओनरशिप मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, ‘सरकार को देश में मंदिरों को अपने कब्जे में लेने का कोई अधिकार नहीं है। अगर मंदिर प्रशासन द्वारा कोई वित्तीय घोटाला होता है तो सरकार कुछ महीनों के लिए मंदिरों को अपने कब्जे में ले सकती है। हालांकि, प्रशासन के वित्तीय ढांचे को स्थापित करने के बाद सरकार को मंदिरों का नियंत्रण छोड़ना होगा।’

उन्होंने आगे कहा, ‘संविधान के अनुच्छेद 25 के अनुसार सरकार किसी भी मंदिर में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस संबंध में फैसला दिया है।’ स्वामी ने सवाल किया, ‘आज सरकार ने मंदिरों को अपने कब्जे में ले लिया है। तो सरकार गिरजाघरों और मस्जिदों को अपने कब्जे में क्यों नहीं लेती? वक्फ बोर्डों में भारी भ्रष्टाचार है, वे सरकार को अपने हाथ में क्यों नहीं ले लेते?’