शिमला, मसूरी, गुलमर्ग में बर्फ ही खो गई? मैदान से पहाड़ तक मौसम को यह क्या हुआ!

नई दिल्‍ली: इस साल मौसम ने चक्‍कर में डाल दिया है। पहाड़ी राज्‍य इस समय तक अमूमन बर्फ की सफेद चादर से ढंक जाते थे। यह और बात है कि इस बार सीन बिल्‍कुल बदला हुआ है। जम्‍मू-कश्‍मीर हो या उत्‍तराखंड और हिमाचल प्रदेश, यहां पूरी तरह सूखा पड़ा हुआ है। इन सभी पहाड़ी राज्‍यों में बारिश की कमी के साथ बर्फबारी गुम है। मौसम विभाग के मुताबिक, 12 जनवरी तक शुष्क मौसम की स्थिति बनी रहेगी। इस अजीब मौसम ने पहाड़ों पर पर्यटन को प्रभावित किया है। पहाड़ों पर पर्यटन का इस मौसम में सबसे बड़ा आकर्षण स्‍नोफॉल होता है। लोग विंटर वैकेशन में बर्फबारी देखने के लिए पहाड़ों पर जाते हैं। उधर, मैदानों में भी मौसम का अजब खेल जारी है। ठंड और धुंध के बाद दिल्‍ली समेत कई राज्‍यों में बारिश का अलर्ट है। उत्तर पश्‍च‍िम और मध्‍य भारत में पूर्वी राजस्‍थान और पश्‍च‍िमी मध्‍य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर आंधी तूफान के साथ ओलावृष्‍ट‍ि का अनुमान है। मैदानों में सर्दी बढ़ने के साथ दिल के दौरे पड़ने की दर में भी अचानक बढ़ोतरी हुई है। पहाड़ों पर पड़ा है सूखा पहाड़ी राज्‍यों में सबसे पहले गुलमर्ग का उदाहरण लेते हैं। इस सर्दी में यहां सूखा पड़ा है। पूरे दिसंबर में कश्मीर घाटी में 79 फीसदी कम बारिश हुई है। बर्फ भी नदारद है। मौसम विभाग की मानें तो 12 जनवरी तक शुष्क मौसम की स्थिति बने रहने के आसार हैं। उत्‍तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी कमोबेश हालत यही है। यह स्थिति पर्यटन पर असर डालने वाली है। बड़ी संख्‍या में सैलानी इन दिनों में पहाड़ों पर बर्फबारी देखने के लिए पहुंचते हैं। क्रिसमस से ही पहाड़ी राज्‍यों में बर्फबारी होने लगती है। पर्यटन पहाड़ों में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया है। मैदान में बार‍िश का अलर्ट आईएमडी के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान दिल्‍ली, पंजाब, हर‍ियाणा, उत्तर प्रदेश, ब‍िहार, मध्‍य प्रदेश, पश्‍च‍िमी राजस्‍थान और पूर्वी राजस्‍थान में कुछ इलाकों में घने से बहुत घने कोहरे और कोल्‍ड डे की स्‍थ‍िति बनी रह सकती है। 8 जनवरी की रात और 9 जनवरी की सुबह के वक्‍त पंजाब, हर‍ियाणा, द‍िल्‍ली, यूपी, राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्‍की बार‍िश होने की संभावना है। मैदानों में सर्दी बढ़ने के साथ अस्‍पतालों में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्‍या में जबर्दस्‍त बढ़ोतरी हुई है। हेल्‍थ एक्‍सपर्ट्स ने दिल के दौरे के बढ़ते खतरों को लेकर चिंता जाहिर की है। ठंड के महीनों के दौरान आंखों की देखभाल के महत्व पर भी जोर दिया है। एक्‍सपर्ट्स ने लोगों को सर्दियों के दौरान नियमित व्यायाम, दिल को स्वस्थ रखने वाले आहार और शरीर को पर्याप्त गर्मी प्रदान करके दिल के स्वास्थ्य के बारे में सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्‍टरों ने कहा कि ठंड का मौसम रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है। रक्तचाप बढ़ाता है। इससे संभावित रूप से दिल का दौरा पड़ सकता है। खासकर ऐसे व्यक्तियों में जिन्हें पहले से हृदय संबंधी समस्याएं हैं। उनका कहना है कि परेशान करने वाली बात यह है कि आंकड़ों से पता चलता है कि गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में दिल के दौरे के कारण मृत्यु दर ज्‍यादा होती है।