सिल्वर ओक के बंद कमरे में दो घंटे मुलाकात, शरद पवार और गौतम अडानी में हुई क्या बात?

मुंबई: महाराष्ट्र में एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उद्योगपति गौतम अडानी की बंद कमरे में हुई मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज है। गौतम अडानी ने एनसीपी चीफ शरद पवार के दक्षिण मुंबई स्थित आवास सिल्वर ओक में मुलाकात की, जो करीब दो घंटे चली। अडानी-हिंडनबर्ग मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की विपक्षी दलों की मांग के बीच इस मीटिंग के कई सियासी मायने निकाली जा रहे हैं।एक सूत्र ने बताया कि इस दौरान पवार और अडानी ने देश और महाराष्ट्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि जिस वक्त दोनों के बीच मुलाकात हुई, कोई और वहां मौजूद नहीं था। शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले भी तब सिल्वर ओक पर मौजूद नहीं थीं।देश और महाराष्ट्र के मुद्दे पर चर्चासूत्रों के मुताबिक, अडानी सुबह करीब 10 बजे पवार के आवास पर पहुंचे। एनसीपी के एक पदाधिकारी ने इस बात की पुष्टि की, ‘बैठक गुरुवार सुबह लगभग दो घंटे तक चली।’ सूत्र ने बताया कि दोनों ने देश और राज्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।पवार ने इस महीने की शुरुआत में अडानी समूह का बचाव किया था और उसके बारे में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट की आलोचना की थी। शरद पवार ने अडानी समूह पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट की जेपीसी जांच की मांग को बेकार बताकर विपक्षी रैंकों में खलबली मचा दी थी। हालांकि बाद में उन्होंने कहा था कि विपक्षी एकता की खातिर वह इसका विरोध नहीं करेंगे।जेपीसी मांग को बताया था बेकारपवार ने एनसीपी के सहयोगी दल कांग्रेस से अलग रुख अपनाते हुए कहा था कि वह अडानी समूह पर लगे आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से समिति गठित किए जाने का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा था कि संयुक्त संसदीय समिति में संख्याबल के हिसाब से सत्तारूढ़ बीजेपी का दबदबा होगा, जिसके चलते जांच को लेकर संदेह पैदा होगा।हालांकि बाद में उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी अडानी समूह पर लगे आरोपों की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की बीजेपी विरोधी दलों की मांग का समर्थन नहीं करती, लेकिन फिर भी वह विपक्षी एकता की खातिर उनके रुख के खिलाफ नहीं जाएगी।