शिंदे गुट को हमारी रणनीति लीक कर कर रहा केंद्रीय चुनाव आयोग, ठाकरे गुट का गंभीर आरोप

शिवसेना उद्धव बालसाहेब ठाकरे पार्टी की ओर से केंद्रीय चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा गया है. इस पत्र में उद्धव ठाकरे गुट ने केंद्रीय चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ठाकरे गुट का कहना है कि चुनाव आयोग अपने फैसलों में पक्षपातपूर्ण रवैया रख रहा है और एकनाथ शिंदे गुट का फेवर कर रहा है. ठाकरे गुट ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी रणनीति केंद्रीय चुनाव आयोग की वजह से शिंदे गुट को लीक हो रही हैं. पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह तय करने में ईसी पर शिंदे गुट का पक्ष लेने का आरोप है.
ठाकरे गुट ने ईसी को लिखे अपने पत्र में 12 मुद्दे उठाए हैं. ठाकरे गुट के वकील विवेक सिंह ने चुनाव आयोग के सामने यह सवाल उठाया कि, ‘हमने चुनाव आयोग के सामने जो पार्टी के नाम और चिन्ह के विकल्प रखे थे, उन्हें जानबूझ कर वेबसाइट पर डाल दिया गया. इससे शिंदे गुट को हमारी रणनीति समझ आ गई. अगर इन बातों में सच्चाई नहीं तो दोनों ही गुटों के विकल्पों में इतनी समानता कैसे आई.’
EC की मदद बिना शिंदे गुट को कैसे पता रणनीति? ठाकरे गुट ने बात पूछी
ठाकरे गुट ने अपने पत्र में साफ तौर से यह आरोप लगाया की उनकी सारी रणनीति केंद्रीय चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को उजागर कर दी. ठाकरे गुट का कहना है कि उनकी सूची के नाम और चुनाव चिन्ह शिंदे गुट को तभी पता चल सकता है, जब उन्हें इसकी जानकारी दी गई हो. यह सब चुनाव आयोग की मदद के बिना संभव नहीं था.
शिंदे गुट ने दिया जवाब, ठाकरे गुट का रोना-चिल्लाना नई नहीं है बात
हालांकि शिंदे गुट के विधायक शंभूराज देसाई ने मीडिया से बात करते हुए ठाकरे गुट के आरोप पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि, ‘चुनाव आयोग अपने दायरे में रह कर काम करता है. ठाकरे गुट के पक्ष में फैसला आता है तो उन्हें सब ठीक नजर आता है. अगर कोई फैसला खिलाफ जाता है तो चीख-पुकार मचा दी जाती है कि उनकी स्ट्रेटेजी लीक की गई. इसमें कोई तथ्य नहीं है. चुनाव आयोग एक स्वायत्त संस्था है और वह संवैधानिक दायरे में रह कर ही काम करता है.’