महाकाल में अब स्मार्ट फोन नहीं रख सकेंगे सुरक्षाकर्मी, नाचती गार्ड का Video हुआ था वायरल

विश्व प्रसिद्ध महाकाल के दरबार में तैनात सुरक्षाकर्मी भी अब स्मार्ट फोन नहीं रख सकेंगे. लगातार मंदिर में फिल्मी गानों पर रील बनाने, भौंडा डांस करने के मामले सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन ने यह फैसला लिया है. कभी राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोग तो कभी आम श्रद्धालुओं द्वारा इस प्रकार के रील बनाकर सोशल मीडिया पर डाला जा रहा था. इससे मंदिर की छवि प्रभावित हो रही थी. रविवार की दोपहर तो दो महिला सुरक्षाकर्मियों का रील वायरल हो गया. इसके बाद प्रबंधन ने दोनों सुरक्षाकर्मियों को बर्खास्त करते हुए अब सभी को मंदिर के अंदर मोबाइल लाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
नई व्यवस्था के तहत आम श्रद्धालु ही नहीं, मंदिर में तैनात सुरक्षाकर्मी भी अपने साथ स्मार्ट फोन लेकर नहीं घुस पाएंगे. इन दिनों श्री महाकाल मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा के एसएस कंपनी के पास है. मंदिर परिसर में डांस करने के जो दो वीडियो सामने आए हैं, वो इसी कंपनी के दो महिला कर्मचारियों ने महाकाल मंदिर के विश्रामधाम कैंपस में बनाए हैं. इन वीडियो में सुरक्षाकर्मी वर्षा नवरंग और पूनम सेन फिल्मी गानों पर डांस करती नजर आ रही हैं. 14 सेकेंड और 9 सेकेंड के ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं.
इंस्टाग्राम पर अपलोड किया वीडियो
मंदिर प्रबंधन के मुताबिक दोनों महिला सुरक्षाकर्मियों ने वीडियो बनाने के बाद अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर अपलोड किया है. इसकी जानकारी मिलते ही सुरक्षा एजेंसी को नोटिस जारी किया गया. इसके बाद एजेंसी ने दोनों कर्मचारियों की सेवा खत्म करते हुए सुरक्षाकर्मियों समेत सभी के लिए एंड्रायड फोन रखने पर पाबंदी लगा दी है. यदि कोई मोबाइल फोन लेकर आता भी है तो यह फोन मंदिर के गेट पर ही ले लिया जाएगा.
पहले भी हो चुका है बखेड़ा
महाकालेश्वर मंदिर में फिल्मी गानो पर रील बनाने का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई बार लोग मंदिर में आकर फिल्मी गानों पर रील बना चुके हैं. लगभग 1 वर्ष पहले इंदौर निवासी मनीषा रोशन ने मंदिर परिसर में रील बनाकर इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया था. जिसके बाद बखेड़ा खड़ा होने पर मनीषा रोशन ने इस पर माफी भी मांगी थी. 2 माह पूर्व भी महाकाल मंदिर के गर्भग्रह की एक रील वायरल हुई थी. जिसमें एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ी युवती ने इसे वायरल किया था. इस समय भी पुजारी व हिंदूवादी संगठनों ने इस प्रकार की रील बनाने पर आपत्ति जताई थी.