सेंचुरी ठोकी और चढ़ा दिया ‘धनुष पर बाण’, भारतीय विकेटकीपर भरत भी निकले राम भक्त

अहमदाबाद: इस वक्त पूरा देश राममय है। 22 जनवरी को अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होनी है। रामलला के दर्शन करने के लिए देश-विदेश से लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। विराट कोहली, एमएस धोनी समेत कई क्रिकेटर्स को भी इस महाआयोजन में आमंत्रित किया गया है। इस बीच भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज केएस भरत भी रामभक्ति में लीन नजर आए। इंडिया ए की ओर से खेलते हुए इंग्लैंड लॉयंस के खिलाफ उन्होंने 165 बॉल पर 116 रन की शानदार पारी खेली। इस खास सेंचुरी को भरत ने भगवान श्रीराम को समर्पित करते हुए धनुष-बाण सेलिब्रेशन किया।धनुष-बाण सेलिब्रेशनदरअसल, भरत की इस पारी की बदौलत इंडिया-ए, इंग्लैंड लॉयंस के खिलाफ पहले अनौपचारिक टेस्ट मैच को ड्रॉ कराने में सफल रहा। विकेटकीपर बल्लेबाज श्रीकर कोना भरत ने सेंचुरी जड़कर इंग्लैंड के खिलाफ 25 जनवरी से शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच के लिए अपना मजबूत दावा पेश किया। फाइटिंग सेंचुरी बनाने के बाद भरत ने बैट को फैंस की तरह दिखाते हुए धनुष-बाण मूव बनाया। भरत का अपना शतक भगवान राम को समर्पित करना वास्तव में एक खास लम्हा था, जो क्रिकेट प्रशंसकों के बीच लंबे समय तक याद रखा जाएगा। खासकर अयोध्या में राम लला के स्वागत के बीच भरत के लिए खास शतककोना भरत टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी में अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं, लेकिन उन्होंने 165 गेंद पर 15 चौके की मदद से नाबाद 116 रन बनाकर अपना दावा पुख्ता कर दिया। टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ के लिए यह राहत की बात है क्योंकि वह भरत को खासा सपोर्ट करते आए हैं। तीसरे दिन नाइट वॉचमैन के रूप में उतरे मानव सुथार ने 254 गेंद पर नॉट आउट 89 रन बनाए, जिसमें 16 फोर शामिल हैं। पिछले साल टेस्ट में पदार्पण करने और पांच मैच खेलने के बाद, भरत को इंग्लैंड के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज के लिए चुना गया है।हार से बचा इंडिया एमैच की बात करें तो भारतीय टीम के सामने 490 रन का मुश्किल लक्ष्य था। तीसरे दिन के अंत में भारत ए के लिए स्थिति गंभीर लग रही थी, इंग्लैंड को सिर्फ छह विकेट की जरूरत थी और इंडिया ए को हार से बचने के लिए 331 रन की दरकार। अंपायर्स ने जब चौथे और आखिरी दिन मैच ड्रॉ करने का फैसला किया तब भारत ने 125 ओवर में 5 विकेट पर 426 रन बनाए थे। इस तरह से वह लक्ष्य से 64 रन पीछे रह गया।