सचिन तेंदुलकर डीपफेक विडियो केस: फेसबुक यूजर और गेमिंग ऐप ओनर के खिलाफ FIR

मुंबईः एक गेमिंग एप्लीकेशन साइट ने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर का डीपफेक वीडियो बनाया। सचिन तेंदुलकर के एक पुराने वीडियो को एडिट करके डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल किया। तेंदुलकर के निजी सहायक रमेश पारधे (52) को स्काईवर्ड एविएटर क्वेस्ट (एक गेमिंग साइट) पर एक वीडियो मिला, जिसमें तेंदुलकर और उनकी बेटी सारा को खेलते हुए और बड़ी राशि कमाने के आसान तरीके का प्रदर्शन करते हुए दिखाया गया था। डीपफेक का उपयोग करके पुराने एडिट वीडियो के दुरुपयोग के बारे में जानने पर, सचिन तेंदुलकर ने सोमवार को एक्स पर ट्वीट किया था। मुंबई पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। सचिन तेंदुलकर ने लिखा था, ‘यह वीडियो नकली है। तकनीक के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग को देखना परेशान करने वाला है। सभी से अनुरोध है कि वे बड़ी संख्या में इस तरह के वीडियो, विज्ञापनों और ऐप्स की रिपोर्ट करें। सोशल मीडिया मंचों को शिकायतों के प्रति सतर्क और उत्तरदायी होने की आवश्यकता है। गलत सूचना और डीपफेक सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए उनकी ओर से त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण है।परधे को अपने फेसबुक पेज के लिंक पर पुराना वीडियो मिला। परधे ने शिकायत में कहा, ‘वीडियो देखने के बाद मैंने बारीकी से जांच की और पाया कि यूट्यूब पर एक संपादित वीडियो में सचिन की आवाज का इस्तेमाल किया गया है।गेमिंग ऐप ने बनाया वीडियोयह एक इंटरव्यू था जो सचिन तेंदुलकर ने मीडिया कार्यकारी विक्रम साथये को दिया था। संपादित पुराने वीडियो का उपयोग स्काईवर्ड एविएटर क्वेस्ट पर एक डीपफेक के साथ किया गया था। इसमें सचिन और उनकी बेटी सारा को आईओएस ऐप पर गेम खेलते हुए और तेजी से पैसा कमाने के लिए इसका प्रचार करते हुए दिखाया गया था।सचिन के डीपफेक वीडियो में क्या?एक साइबर पुलिस अधिकारी ने एडिटेड वीडियो पर कहा कि सचिन तेंदुलकर एक ऑनलाइन गेम का प्रचार करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसमें बेटी सारा गेम में भविष्यवाणियां करके प्रति दिन 1.8 लाख रुपये कमाती है।इन धाराओं में केसअधिकारी ने कहा, ‘हमने अपराध में शामिल आरोपी का पता लगाने के लिए इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पते का विवरण मांगा है। फेसबुक उपयोगकर्ता (हुर्मा) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि) और आईटी अधिनियम की धारा 66 (ए) (संचार सेवा के माध्यम से आपत्तिजनक संदेश भेजने के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।8 महीने पहले भी सचिन के मैनेजर ने दर्ज कराया था केसयह दूसरी प्राथमिकी है जो क्रिकेटर के मैनेजर परधे ने पिछले आठ महीनों में पश्चिम क्षेत्र साइबर पुलिस में दर्ज की है। पहली प्राथमिकी 11 मई, 2023 को दर्ज की गई थी। यह सचिन तेंदुलकर के नाम पर एक वेबसाइट बनाने और बेली फैट बर्नर उत्पादों को ऑनलाइन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेचने के लिए किया गया था। साइबर पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी नहीं की है।