साबले की नजरें दिल्ली हाफ मैराथन में अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने पर

ओलंपक स्टीपलचेज धावक अविनाश साबले रविवार को यहां 17वीं दिल्ली हाफ मैराथन में पुरुष वर्ग में भारतीय चुनौती का नेतृत्व करते हुए 2020 सत्र में बनाए गए राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश करेंगे।
इस साल अगस्त में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीतने वाले 28 साल के साबले 61 मिनट से कम समय में हाफ मैराथन पूरा करने वाले पहले भारतीय बने थे। उन्होंने तब एक घंटा 30 सेकंड का शानदार समय लिया था और ओवरऑल 10 वें स्थान पर रहे थे।
महाराष्ट्र के इस धावक को इस बार और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
उन्होंने यहां जारी विज्ञप्ति में कहा, ‘‘ मैं 2017 से इस आयोजन में भाग ले रहा हूं और पहली बार भारतीयों में मैं तीसरे स्थान पर रहा था और फिर अगले वर्ष दूसरे स्थान पर रहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ दिल्ली हाफ मैराथन में भाग लेने के अनुभवों ने मुझे एक बेहतर एथलीट बनने में मदद की है। मैं अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ 1 घंटे 30 सेकंड की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा। ’’
भारतीय धावकों में शीर्ष स्थान के लिए साबले को श्रीनु बुगाथा से चुनौती मिलेगी जो 2020 में भारतीय खिलाड़ियों में दूसरे स्थान पर रहे थे।
रविवार की दौड़ के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘ मैं आम तौर पर (पूर्ण) मैराथन में भाग लेता हूं। लेकिन मैंने हमेशा दिल्ली हाफ मैराथन में चुनौती पेश करने का लुत्फ उठाया है। ’’
इन दोनों के अलावा कार्तिक कुमार, लक्ष्मण जी और मान सिंह भी खिताब की दौड़ में होंगे।  
  पुरुषों और महिलाओं की श्रेणियों में भारतीय एलीट वर्ग के प्रत्येक विजेता को 350,000 रुपये और पुरस्कार राशि के तौर पर मिलेगा। नये कोर्स रिकॉर्ड के लिए 100,000 रुपये का बोनस पुरस्कार मिलेगा।
महिलाओं में सबकी निगाहें 2020 में रजत पदक विजेता संजीवनी जाधव पर होंगी। 2022 फेडरेशन कप में 10,000 मीटर में स्वर्ण जीतने के बाद अच्छी लय में, वह इस साल की शुरुआत में बेंगलुरु में टीसीएस विश्व 10 किलोमीटर रेस में भारतीय महिलाओं में पहले स्थान पर रही थी।
उनके अलावा प्रीति लंबा, मोनिका अठारे, प्राजक्ता गोडबोले और नंदिनी गुप्ता जैसे अनुभवी धावक भी चुनौती पेश करेंगे।