आंगनवाड़ी केंद्रों के आवंटन में भेदभाव पर Assam विधानसभा में हंगामा

असम विधानसभा में बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों के सदस्यों ने राज्य सरकार पर आंगनवाड़ी केंद्रों के आवंटन में भेदभाव का आरोप लगाया जिसके चलते हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए बजटीय प्रावधानों पर कटौती प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) विधायक मनोरंजन तालुकदार ने आरोप लगाया कि निर्वाचन क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों के आवंटन के दौरान विपक्षी सदस्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई ने आरोप का समर्थन किया, लेकिन सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसका जोरदार खंडन किया, जिसके बाद हंगामा हुआ।
आसन पर मौजूद उपाध्यक्ष नुमल मोमिन ने दोनों पक्षों के सदस्यों को समझाने का प्रयास किया। उनका प्रयास व्यर्थ गया और उन्होंने सदन को पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर तालुकदार ने कहा, ‘‘सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों में से एक ने मुझे उंगली दिखाईं और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। उपाध्यक्ष महोदय, आपको उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।’’
इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने आपत्ति जताई, लेकिन विपक्षी दलों के विधायकों ने सदस्य विशेष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तालुकदार सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच जुबानी जंग के दौरान भाजपा विधायक रूपज्योति कुर्मी के उग्र व्यवहार का जिक्र कर रहे थे।
कटौती प्रस्ताव पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अजंता नियोग ने कहा कि राज्य में 20,000 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
नियोग राज्य की वित्त मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने पहले बजट में 1,000 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए धन आवंटित किया और बाद में अतिरिक्त 3,000 ऐसे केंद्रों के लिए मंजूरी मिली। इसलिए, 4,000 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। हमारा लक्षित क्षेत्र चाय बागान वाले इलाके हैं।’’
नियोग ने कहा कि राज्य में वर्तमान में लगभग 61,000 मानक आंगनवाड़ी केंद्र हैं और उन इकाइयों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए बहुत कुछ किया जाना है।