कार्बन डेटिंग की मांग खारिज होने पर बोले RSS नेता…सच्चाई को कोई दबा नहीं सकता

ज्ञानवापी केस में वाराणसी की अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. माना जा रहा है कि कोर्ट का यह फैसला हिन्दू पक्ष के लिए एक बड़ा झटका है. कोर्ट ने शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की मांग को खारिज कर दिया और कहा कि इस मामले में हस्तक्षेप सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा. कोर्ट के फैसले से हिन्दू पक्ष नाराज है और इस मामले के वकील सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं. वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक नेता ने मामले के संबंध में एक बड़ा बयान दिया है. आरएसएस के नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि सच्चाई को कोई भी ताकत नहीं दबा सकती.
मामले के संबंध में दिए एक बयान में इंद्रेश कुमार ने कहा कि इससे पहले राम मंदिर से संबंधित मामले में तमाम अड़चनें आई थी, लेकिन अंत में सच्चाई की जीत हुई. वहीं हिन्दू पक्ष के वकील ने कहा कि उनके पास अभी हाई कोर्ट जाने का ऑप्शन है और वे वाराणसी अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दंगे. वकील मदन मोहन यादव ने कहा कि कोर्ट ने हमारी कार्बन डेटिंग की मांग को खारिज कर दी है. हम आदेश की कॉपी का इंतजार कर रहे हैं. हमारे पास हाई कोर्ट जाने का ऑप्शन है और हम अपनी मांगें हाई कोर्ट के सामने भी रखेंगे.

Gyanvapi mosque case | Judge has rejected our demand of seeking carbon dating. We are waiting for the order copy. The option of going to the High Court is available to us and we will place our point before the High Court also: Advocate Madan Mohan Yadav,in Varanasi#Uttarpradesh pic.twitter.com/9NmVqHNBEz
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) October 14, 2022

वाराणसी कोर्ट का फैसला गलत, जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
वहीं कोर्ट में ज्ञानवापी केस के सिलसिले में पेश हुए वकील विष्णु जैन ने कहा कि कोर्ट ने हमारी कार्बन डेटिंग की मांग को खारिज कर दी है. उन्होंने कहा कि हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनैती देंगे. हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई तारीख नहीं बताई है. वकील जैन ने कहा कि “मैं अभी तारीख नहीं बता सकता हूं, लेकिन हम इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे.” उन्होंने वाराणसी कोर्ट के फैसले को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी मामले में कोर्ट ने फैसले दिए हैं, तब हमने यह नहीं कहा कि यह किसी पक्षा के लिए झटका है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर केस में भी कई ऐसे मोड़ आए थे लेकिन अंत में जीत हमारी हुई.