उत्तर एवं पूर्वी सिक्किम के बीच सड़क सम्पर्क आंशिक रूप से बहाल, अक्टूबर में बाढ़ में टूटा था: बीआरओ

उत्तर और पूर्वी सिक्किम के बीच सड़क संपर्कआंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है और स्थायी सम्पर्क अगले साल अप्रैल तक कायम होने की उम्मीद है। यह सड़क सम्पर्क पिछले साल अक्टूबर में बाढ़ के दौरान टूट गया था। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ)के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
बीआरओ के अतिरिक्त महानिदेशक (पूर्व) पी के एच सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक साक्षात्कार में बताया कि सिक्किम के सभी क्षतिग्रस्त हिस्सों में बहाली का काम शुरू हो गया है, लेकिन ये सड़कें वर्तमान में केवल 20 टन का भार ही सहन कर सकती हैं, सामान्य 70 टन का नहीं।
उन्होंने बताया कि हिमनद झील के फटने से आयी बाढ़ ने हिमालयी राज्य में तीस्ता नदी के किनारे बनी मुख्य सड़कें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थीं और चुंगथांग से आगे लाचेन-लाचुंग घाटी मुख्य भूमि से कट गई थी।
सिंह ने कहा कि चुंगथांग से लाचेन और नागा से टूंग तक की सड़कें पूरी तरह से बह गई थीं, जो उत्तरी सिक्किम की जीवन रेखाएं हैं। उन्होंने कहा कि साथ ही जीमा, चुंगथांग और टूंग में पुल भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। उन्होंने कहा कि इस आपदा ने उत्तरी सिक्किम की ओर जाने वाली सभी संचार लाइन पर कहर बरपाया था।
अक्टूबर में उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील पर अचानक बादल फटने से तीस्ता नदी में बाढ़ आ गई थी, जिससे कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लापता हो गए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘सिक्किम में सभी हिस्सों पर बहाली का काम शुरू हो गया है तथा निर्माण सामग्री ले जाने के लिए टूंग पुल तक एक अस्थायी सड़क बनायी गई है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल नवंबर में चुंगथांग में 190 फुट लंबा बेली ब्रिज बनाया गया था और लाचुंग तक की सड़क यातायात के लिए खोल दी गई है, हालांकि बहुत भारी वाहनों की अनुमति नहीं है।
सिंह ने कहा कि मॉनसून के मौसम के दौरान सड़क को खुला रखने के लिए इस साल फरवरी तक 300 फुट का मॉड्यूलर पुल शुरू किया जाएगा।
अधिकारी ने कहा, ‘‘स्थानीय आबादी की मदद से टूंग में एक फुटब्रिज बनाया गया है और इस साल 23 फरवरी तक क्षेत्र में 400 फुट लंबे मॉड्यूलर ब्रिज का उद्घाटन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लाचेन और ज़ीमा के बीच 10 भूस्खलनों के कारण बनी रुकावटें हटा दी गई हैं। इस बीच, सांकलांग में एक मॉड्यूलर पुल का निर्माण कार्य चल रहा है और यह 31 मार्च तक तैयार होने वाला है।
सिंह ने कहा, उद्देश्य अगले साल अप्रैल के मध्य तक उत्तरी सिक्किम के साथ स्थायी संपर्क स्थापित करना है, हालांकि स्थायी पुलों के निर्माण में दो से तीन साल लग सकते हैं।