नर्मदा में शुरू हुई रिवर ‘एंबुलेंस’, नदी किनारे बसे लोगों के लिए ‘संजीवनी’ से कम नहीं

मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के उद्देश्य से सरकार कई नई पहल कर रही है. उसी में से एक है नदी एंबुलेंस सेवा. अब तक हम सभी ने एंबुलेंस सेवा के बारे में ही सुना था, लेकिन नदी एंबुलेंस सेवा आप पहली बार सुन रहे होंगे. मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने नर्मदा नदी के किनारे बसे आदिवासी इलाकों के लोगों को राहत देने के लिए और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के मकसद से नदी एंबुलेंस सेवा शुरू की है. इसकी शुरूआत धार ज़िले के कुक्षी से की गई है. नदी एंबुलेंस की सौगात मिलने से नर्मदा किनारे बसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के आदिवासी जनजाति वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.

इस नदी एंबुलेंस का लोकार्पण करते हुए राज्य सरकार में मंत्री राजवर्धन सिंह ने बताया कि नदी में चलने वाली ये एंबुलेंस 100 किमी के रेडियस की दूरी तय करेगी. यह अलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में अपने सेवाएं देगी. ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों का इलाज करेगी. इस एम्बुलेंस में प्राथमिक उपचार, 10 ऑक्सीजन सिलेंडर, किट और जरूरी दवाएं हमेशा मौजूद रहेंगी.

मध्य प्रदेश: धार ज़िले के कुक्षी में नर्मदा किनारे बसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के आदिवासी जनजाति वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से नदी एंबुलेंस की सौगात मिली।

राज्य सरकार में मंत्री राजवर्धन सिंह ने बताया, “यह 100 किमी के रेडियस की दूरी तय करेगी।”(19.03) pic.twitter.com/kHnAig7fzE
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 19, 2023

वहीं मंत्री राजवर्धन सिंह ने बताया कि जहां से इस सेवा को शुरू किया गया है वहां से तीनों राज्यों की सीमा लग रही है इसलिए इससे न केवल मध्य प्रदेश बल्कि गुजरात और महाराष्ट्र के ज़िलों को भी लाभ होगा.
इस दिन यहां रहेगी नदी एंबुलेंस
इस एंबुलेंस का मुख्य उद्देश्य नर्मदा नदी की तलहटी में बसे हुए लोगों को आसानी से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. नदी एंबुलेंस तय समयनुसार चलेगी. ये एंबुलेंस बुधवार, गुरुवार को धार जिले के तटों पर रहेगी. शुक्रवार को आलीराजपुर जिले में तो रविवार को सरदार सरोवर के बैक वाटर के गांवों में यह चलाई जाएगी. हफ्ते में लगभग 4 से 5 दिन ये एंबुलेंस चलाई जाएगी. खास बात ये है कि 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली इस एंबुलेंस में हमेशा डॉक्टर मौजूद रहेंगे.

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बता दें कि सरकार ने नर्मदा नदी के डूब क्षेत्रों में मरीजों के इलाज के लिए नदी एंबुलेंस की शुरुआत की है. नदी एंबुलेंस के जरिए आकस्मिक घटना दुर्घटना होने पर भी प्रभावितों को फौरन डॉक्टर की मदद मिल सकेगी, नदी एंबुलेंस के लिए एक नंबर भी जारी किया जाएगा, जिसे डायल करने पर एंबुलेंस फौरन मौके पर पहुंच जाएगी. इस नदी एंबुलेंस के शुरू होने से आदिवासी जिले के लोगों को बहुत राहत मिलने की उम्मीद है.

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