मुकेश अंबानी की इस कंपनी का आया रिजल्ट, नेट प्रॉफिट 56% गिरा, रेवेन्यू में भी भारी गिरावट

नई दिल्ली: की कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने सोमवार को बाजार बंद होने का बाद अपना तीसरी तिमाही का रिजल्ट जारी किया। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही के मुकाबले 56 परसेंट गिरकर 294 करोड़ रुपये रह गया। साथ ही कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी करीब 32 परसेंट की गिरावट के साथ 413.61 करोड़ रुपये रह गया। रिलायंस ने पिछले साल अपने फाइनेंशियल बिजनस को अलग करके यह कंपनी बनाई थी। इसे अगस्त में लिस्ट किया गया था। सोमवार को कंपनी का शेयर एनएसई पर 4.6% की तेजी के साथ 266.75 रुपये पर बंद हुआ। रिलायंस के शेयर में भी 1.7% तेजी आई और यह 2,788.25 रुपये पर बंद हुआ। जियो फाइनेंशियल की कंसोलिडेटेड अर्निंग्स में उसकी सहयोगी कंपनियों, सब्सिडियरीज और जॉइंट वेंचर शामिल हैं। इनमें जियो फाइनेंस, जियो पेमेंट सॉल्यूशंस, रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट्स एंड होल्डिंग्स, जियो इंश्योरेंस ब्रोकिंग, जियो इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट सर्विसेज, जियो इनफॉरमेंशन एग्रीगेटर सर्विसेज, रिलायंस सर्विसेज एंड होल्डिंग्स, पेट्रोलियम ट्रस्ट और जेवी फर्म जियो पेमेंट्स बैंक शामिल हैं।फाइनेंशियल ईयर की पहले नौ महीने के दौरान कंपनी का प्रॉफिट 1,294 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 1,436 करोड़ रुपये रहा। दिसंबर तिमाही में कंपनी की इंटरेस्ट इनकम 269 करोड़ रुपये रही जो पिछली तिमाही में 186 करोड़ रुपये थी। बोर्ड मीटिंग में रुपाली अधिकारी सावंत को ग्रुप हेड-इंटरनल ऑडिट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उनकी नियुक्ति पांच जनवरी से प्रभावी मानी जाएगी। साथ ही सुधीर रेड्डी गोवूला को ग्रुप चीफ कंप्लायंस ऑफिसर बनाया गया है। उनका चार साल का कार्यकाल 15 जनवरी से शुरू होगा। लार्जकैप में जगहमुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने फाइनेंशियल बिजनस को अलग करके जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी। रिलायंस के शेयरहोल्डर्स को प्रत्येक शेयर पर जेएफएसएल का एक शेयर दिया गया था। 20 जुलाई को प्री-लिस्टिंग में इसकी वैल्यू 261.85 रुपये निकली थी। 21 अगस्त को बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 265 रुपये पर हुई थी जबकि एनएसई पर यह 262 रुपये पर लिस्ट हुआ था। जियो फाइनेंशियल को लार्जकैप सेगमेंट में जगह मिली है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के फेरबदल के बाद ऐसा हुआ है। ये बदलाव फरवरी से लागू होंगे और जुलाई तक रहेंगे।