भारत से भी रिश्ते सुधारेंगे लेकिन… नवाज शरीफ की पार्टी के मैनिफेस्टो में कश्मीर पर रखी गई शर्त

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। पार्टी के घोषणापत्र में अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, रोजगार से लेकर विदेश नीति तक पर कई तरह के वादे किए गए हैं। पार्टी ने घोषणापत्र में विदेश नीति के मोर्चे पर सभी देशों के साथ मधुर संबंध बनाने की बात कही है। पार्टी ने कहा है कि हम सभी देशों को “शांति का संदेश” भेजेंगे और इसमें भारत भी शामिल है। हालांकि भारत को शांति का संदेश भेजने की एक शर्त भी मैनिफेस्टो में रखी गई है। पीएमएल-एन ने कहा है कि भारत के साथ वार्ता तभी की जाएगी, जब भारत सरकार अगस्त 2019 के कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने के अपने फैसले को बदल दे। ये एक ऐसी शर्त है, जिस पर भारत पहले ही साफ कर चुका है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करना पूरी तरह से उसका निजी मामला है क्योंकि जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न अंग है। पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक, पाकिस्तान में 8 फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए जारी किए गए नवाज शरीफ की पार्टी के घोषणापत्र में दूसरे मुल्कों को अमन का पैगाम भेजने के वादे के अलावा पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को सुधारने, जलवायु परिवर्तन से निपटने का संकल्प और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही गई है। घोषणा पत्र में कहा गया है कि पार्टी सत्ता में आने पर पार्टी बिजली बिलों में 20 से 30 प्रतिशत की कमी करेगी और बिजली उत्पादन में 15,000 मेगावाट की वृद्धि करेगी।इमरान खान पर साधा निशानाघोषणापत्र जारी करने के बाद बीते चुनाव यानी 2018 में बनी इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि पिछली सरकार में महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी। तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ ने कह उनकी सरकार में कभी बिजली कटौती नहीं की गई लेकिन इमरान खान ने देश को पीछे धकेलने का काम किया। उन्होंने ये भी कहा कि 2017 में पीएमएलएन के सत्ता से बाहर होने के बाद उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया लेकिन वह सरकार में आने पर बदले की राजनीति नहीं करेंगे। पार्टी के घोषणापत्र में कानूनी और प्रशासनिक सुधार लाने की योजना, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा रोकने और महिलाओं को ज्यादा अधिकार देने की भी बात कही गई है। पीएमएलएन ने अदालती कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए कार्यवाही के प्रसारण की भी बात कही है।