WTC Final में तो पहुंच गए, आखिर इन 3 चुनौतियां से अब कैसे निपटेगी टीम इंडिया

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम लगातार दूसरी बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में अपनी जगह बना ली है। फाइनल मुकाबला 7 से 11 जून के बीच लंदन के ओवल में खेला जाएगा। फाइनल में टीम इंडिया के सामने एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया की टक्कर की होगी। हाल ही में समाप्त हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से सीरीज में मात दी। शुरू दो मैच में तो ऑस्ट्रेलिया की हालत बहुत ही खराब रही। हालांकि मेहमान टीम ने पलटवार किया और इंदौर टेस्ट में जीत हासिल कर सीरीज में वापसी। वहीं आखिरी टेस्ट मैच ड्रॉ पर छूटा।भारतीय सरजमीं पर खेले गए चार टेस्ट मैचों की सीरीज में दोनों टीमों के स्पिन गेंदबाजों का दबदबा रहा लेकिन WTC का फाइनल इंग्लैंड के तेज पिचों पर खेला जाएगा जो कि तो गेंदबाजों के लिए मददगार होगी। वहीं भारत के कुछ ऐसे खिलाड़ी जिनका विदेशी धरती पर रिकॉर्ड शानदार रहा है वह चोटिल हो रखे हैं। ऐसे में फाइनल में कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई। ऐसे में आइए जानते हैं WTC फाइनल में टीम इंडिया के सामने कौन-कौन सी चुनौती होगी।इंग्लैंड का कंडीशनWTC के फाइनल इंग्लैंड में खेला जाना है। इंग्लैंड के पिचों पर खेलना टीम इंडिया के लिए हमेशा से एक चुनौती रही है। तेज गेंदबाजों के मददगार ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को इंग्लैंड का कंडीशन भी काफी सूट करेगा। क्योंकि यहां उनके मुताबिक पिच होने की संभावना रहेगी। क्योंकि कंगारू टीम के पास पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क जैसे तेज गेंदबाज हैं जो तेज पिचों पर किसी भी मजबूत बल्लेबाजी आक्रमण के लिए भी काल बन सकते हैं।ऐसे में WTC के फाइनल में टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ी और पहली चुनौती यहां का कंडिशन होगा जिससे निपटना बहुत जरूरी होगा। हालांकि भारतीय टीम के पास इतनी क्षमता है कि वह इंग्लैंड के कंडिशन में ऑस्ट्रेलिया को हरा सकती है लेकिन कप्तान रोहित शर्मा किसी तरह से कंगारूओं को हल्के में नहीं लेना चाहेंगे।बुमराह और पंत की कमी खलेगीटीम इंडिया के दो बेहतरीन खिलाड़ी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत चोटिल हैं। पिछले कुछ सालों में बुमराह और पंत विदेशी सरजमीं पर टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। हालांकि चोट के कारण ये दोनों खिलाड़ी बाहर बाहर चल रहे हैं। वहीं रिपोर्ट की माने तो बुमराह अगस्त से पहले पूरी तरह से फिट नहीं होंगे। ऐसे में टीम मैनेजमेंट किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी। बुमराह पिछले साल सितंबर में आखिरी बार इंटरनेशनल मैच में मैदान पर उतरे थे। इसके बाद से वे एशिया कप, टी20 विश्व कप और बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज में भी नहीं खेल पाए। वहीं WTC के फाइनल में भी उनके खेलने की संभावना ना के बराबर ही है।दूसरी तरफ पंत पिछले साल दिसंबर में कार एक्सीडेंट में बुरी तरह से घायल हो गए थे। उन्हें ठीक होने में अभी लंबा वक्त लग सकता है जिसके कारण टीम इंडिया को WTC के फाइनल में उनकी कमी जरूर खलेगी।शमी और सिराज पर बढ़ेगा दबावजसप्रीत बुमराह के टीम में नहीं होने से मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज पर काफी दबाव बढ़ गया है। हालांकि इन दोनों ही गेंदबाजों को जब जब मौका मिला है इन्होंने दमदार खेल का प्रदर्शन किया। ऐसे में उम्मीद ये की जा रही है कि WTC के फाइनल में ये दोनों ही पेस बैटरी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा लेगा। हालांकि इसके बावजूद इंग्लैंड की तेज पिचों पर टीम इंडिया के सामने लेफ्ट आर्म पेसर की कमी जरूर खलेगी। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शमी और सिराज के अलावा उमेश यादव भी टीम के सदस्य थे। ये तीनों ही खिलाड़ी दाएं हाथ के गेंदबाज हैं। ऐसे में WTC के फाइनल में लेफ्ट आर्म बॉलर की कमी जरूर खलेगी।