मुख्यमंत्री से मंत्रियों की एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी रोकने को कहा: रंधावा

राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शनिवार को कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से अपने मंत्रियों को एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने से रोकने को कहा है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने यहां संवाददाताओं से कहा, अपने मंत्रियों को नियंत्रित करना मुख्यमंत्री का काम है। मैं पार्टी संगठन स्तर पर इस मामले को देखूंगा।
रंधावा की यह टिप्पणी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकास कार्यों में जयपुर के पिछड़ने के लिए जयपुर के स्थानीय विधायकों और मंत्रियों को जिम्मेदार ठहराने वाले बयान के लिए शहरी एवं विकास (यूडीएच) मंत्री शांति धारीवाल की आलोचना करने के बाद आई है।
उन्होंने कहा, मैंने मुख्यमंत्री से कहा है कि आप अपने मंत्रियों को बुलाकर उन्‍हें कंट्रोल (नियंत्रित) करिए। पार्टी स्‍तर पर मैं मामले को देखूंगा। जहां तक सरकार और मंत्रियों के एक-दूसरे के खिलाफ बयान देने का सवाल है, यह मुख्यमंत्री का काम है।
रंधावा ने कहा कि मंत्रियों की जिम्मेदारी सरकार और संगठन को मजबूत करना है, न कि एक-दूसरे के खिलाफ बयान देना।
उल्लेखनीय है कि धारीवाला ने बृहस्पतिवार को उदयपुर में एक कार्यक्रम में कहा था कि जयपुर से छह विधायक और तीन मंत्री हैं और उनके और उनके आपसी विवाद के कारण विकास कार्य प्रभावित होता है।
धारीवाल ने कहा था कि स्मार्ट सिटी मिशन राजस्थान के चार शहरों कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर में शुरू किया गया था, लेकिन जयपुर में स्थानीय विधायकों और मंत्रियों के आपसी विवाद के कारण काम की गति धीमी है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है।
जयपुर की सिविल लाइंस सीट से विधायक खाचरियावास ने पलटवार करते हुए शुक्रवार को कहा कि धारीवाल को अपने शब्दों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
उदयपुर में हुए कार्यक्रम में असम के राज्यपाल और पूर्व नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया भी मौजूद थे। खाचरियावास ने आज कहा कि धारीवाल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या कटारिया उनके नेता हैं और यदि ऐसा है तो क्या वह (धारीवाल) भाजपा कार्यकर्ता हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘धारीवाल जिस तरह की बोल रहे हैं वह किसी कांग्रेस कार्यकर्ता की नहीं हो सकती। उन्होंने जो कहा है उस पर उन्हें शर्म आनी चाहिए। उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
धारीवाल कोटा के रहने वाले हैं।