रामलला पधारेंगे अपने धाम: अभेद्य किला बनी अयोध्या, चप्पे-चप्पे पर जवान, ड्रोन की पैनी नजर

अयोध्या: आखिरकार लंबे इंतजार के बाद वो शुभ घड़ी आ गई जब श्रीरामलला अपने टेंट से भव्य और दिव्य मंदिर में स्थापित हो जाएंगे। 22 जनवरी को प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होनी है। इसमें अब सिर्फ कुछ घंटे ही शेष रह गए हैं। उधर इस कार्यक्रम के मद्देनजर अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य किले में तब्दील हो गई है। अयोध्या का सुरक्षा कवच इतना बेजोड़ है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। क्योंकि राम नगरी में जल, जमीन से लेकर आसमान तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था से लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामयूपी के स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार ने बताया यूपी पुलिस के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण क्षण है। जितनी बड़ी चुनौती है, उतनी ही बड़ी अपॉर्चुनिटी भी है। उन्होंने बताया कि व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। ट्रैफिक का डायवर्जन अयोध्या के आसपास के जिलों से ही कर दिया गया है। बीते शाम से अयोध्या में सिर्फ वही गाड़ियां जा रही है, जिनको जिला प्रशासन ने जाने की अनुमति दी है या फिर जिन वीवीआईपी को ट्रस्ट की ओर से आमंत्रित किया गया है। इसके साथ प्रशांत कुमार ने बताया कि जो कैटिगराइज्ड वीआईपी है, उनके लिए पुलिस स्कॉट की व्यवस्था लखनऊ या फिर अयोध्या एयरपोर्ट से ही किया गया है। AI टेक्नोलॉजी का किया जा रहा इस्तेमाल- प्रशांत कुमारस्पेशल डीजी एलओ ने बताया कि कार्यक्रम में बैठने की व्यवस्था ट्रस्ट की ओर से की गई है। लेकिन वहां पर पुलिस की व्यवस्था भी रहेगी। उन्होंने बताया कि सेक्टर की तरह बांटकर विभिन्न भाषायों का ज्ञान रखने वाले अधिकारियों को वहां पर तैनात किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वहां जो भी अधिकारी रहेंगे उसमें अधिकतर लोग सादे कपड़ों में रहेंगे।साथ ही कुछ आवश्यक अधिकारी शस्त्र के साथ भी वहां मौजूद रहेंगे। प्रशांत कुमार ने बताया कि राम मंदिर परिसर और उसके आसपास के इलाकों में सीसीटीवी लगाए गए हैं। उसमें एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। पूरे अयोध्या जिले में लगभग 10000 सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। जमीन और नदी तक में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्तअयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी वीआईपी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। प्रशांत कुमार ने बताया कि इस बार पुलिस व्यवस्थाओं में टेक्नोलॉजी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया गया है। केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसियों के साथ पूरी तरह से समन्वय बनाकर रियल टाइम इन्फॉर्मेशन शेयरिंग है। इसके साथ ही सीमलेस इन्फॉर्मेशन उनके साथ है। इसके अलावा सरयू नदी के रास्तों पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्ट्रीट बोट की व्यवस्था की गई है। डीजी एलओ ने कहा कि सुरक्षा के लिए एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही भीड़ को मैनेज करने के लिए ड्रोन इत्यादि का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। वहीं अयोध्या के लता मंगेशकर चौक पर रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी तैनात कर दिए गए हैं।जोन में बांटी गई सुरक्षा व्यवस्थावहीं सूत्रों के मुताबिक अयोध्या में कल होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए त्री-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा मंदिरों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के लिए गठित स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स, सीआरपीएफ और यूपी पुलिस 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर की सुरक्षा में तैनात रहेगी। वहीं एनएसजी द्वारा ट्रेंड एसएसएफ के लगभग 100 कमांडो मंदिर परिसर और उसके आसपास की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।इसके साथ ही सीआरपीएफ के जवान रामलला के गर्भगृह वाले मुख्य मंदिर में तैनात रहेंगे। साथ ही एसएसएफ के 1400 के करीब जवान मंदिर के बाहर रेड जोन में सुरक्षा में तैनात रहेंगे। इसके साथ ही यलो जोन में यूपी पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहेंगे। इसमें एसएसएफ के जवान भी गश्त करते रहेंगे। यूपी पुलिस की अतिरिक्त बल, ड्रोन, सीसीटीवी से भी सुरक्षा की निगरानी करेगी।चप्पे-चप्पे पर जवानों और ड्रोन की नजरवहीं इस कार्यक्रम में पीएम मोदी समेत 8 हजार के करीब मेहमानों के पहुंचने की उम्मीद है। इसमें कई वीवीआईपी गेस्ट भी शामिल है। इसको देखते हुए ट्रैफिक डायवर्जन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किया गया है। शहर के एंट्री प्वाइंट से लेकर राम मंदिर तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस, सीसीटीवी और एटीएस के कमांडो तैनात किए जा रहे हैं। छावनी में तब्दील हुई राम नगरी में ब्लैककैट कमांडो, बख्तरबंद गाड़ियां और ड्रोन की व्यवस्था की गई है। जानकारी के मुताबिक, यूपी पुलिस के 3 डीआईजी, 17 आईपीएस, 100 पीपीएस लेवल के अधिकारी और 325 इंस्पेक्टर, 800 सब-इंस्पेक्टर और 1000 से अधिक कॉन्स्टेबल को तैनात किया गया है। रेड जोन में 3 पीएसी बटालियन और यलो जोन में 7 पीएसी बटालियन तैनात किया गया है। अयोध्या में निजी सुरक्षा एजेंसी SIS भी मोर्चा संभाल चुकी है। एआई तकनीक की भी मदद ली जा रही है। इसकी मदद से अगर कोई हिस्ट्रीशीटर मंदिर परिसर के आसपास आएगा तो कुछ ही सेकेंड में उसकी पहचान हो जाएगी।गाड़ी पार्किंग के लिए पुख्ता इंतजाम, ड्रोन से निगरानीश्रीराम लला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों के वाहनों की पार्किंग के लिए पुख्ता इंतजाम किये हैं। अयोध्या धाम में पार्किंग के लिए 51 स्थानों को चिन्हित किया गया है। इन पार्किंग में 22,825 वाहनों को पार्क किया जा सकेगा। पार्किंग स्थलों को गूगल मैप पर अपलोड कर दिया गया है। वहीं पार्किंग स्थलों को वीवीआईपी, वीआईपी और अन्य मेहमानों के लिए भी रिजर्व किया गया है।इन पार्किंग को वायरलेस और पीए सिस्टम से लैस किया गया है। रामपथ और भक्ति पथ स्थित 6 पार्किंग स्थानों को वीवीआईपी मेहमानों के वाहनों के लिए रिजर्व किया गया है। यहां पर वीवीआईपी मेहमानों की 1225 गाड़ियां पार्क हो सकेंगी।इसके अलावा धर्म पथ मार्ग और परिक्रमा मार्ग पर नौ पार्किंग स्थानों को वीआईपी के लिए रिजर्व किया गया है। यहां पर वीआईपी की दस हजार से अधिक गाड़ियों को पार्क किया जाएगा। इसके अलावा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग को रिजर्व किया गया है।वहीं पुलिस फोर्स के लिए एनएच-27 में आठ पार्किंग स्थानों को रिजर्व किया गया है। यहां पुलिस की दो हजार से अधिक गाड़ियों को पार्क किया जाएगा। साथ ही यहां पर सुरक्षा के लिहाज से काफी पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। इन पार्किंग स्थल की निगरानी ड्रोन से की जाएगी।