हमारे घर में पधारे रामलला, दिल्ली में 800 से ज्यादा घरों में गूंजी किलकारियां, खुशी से झूम उठे परिवार

नई दिल्ली: 22 जनवरी को रामलला की गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा की खुशियों के बीच दिल्ली में कई घरों में किलकारियां गूंजी। दिल्ली में औसतन 830 बच्चे हर रोज पैदा होते हैं, ऐसे में लगभग 800 से ज्यादा परिवारों में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के दिन किलकारियां सुनाई दी। किसी ने अपने को भाग्यशाली बताया तो किसी ने अपने बच्चे को रामलला बताया।’मेरे घर में तो साक्षात राम ही पैदा हुए हैं…’, ये शब्द दयाशंकर के हैं। 22 जनवरी को रात 1 बजकर 30 मिनट पर वो पिता बने हैं। उनकी पत्नी पूजा ने बेटे को जन्म दिया है। दिल्ली में ऐसे कई बच्चों का सोमवार को जन्म हुआ और उनके लिए यह दिन यादगार बन गया। मूलरूप से यूपी के दयाशंकर करोल बाग इलाके में रहते हैं। एनबीटी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी पूजा का कहीं और इलाज चल रहा था। प्रेग्नेंसी के 36 वीक पूरे हो चुके थे। लेकिन डॉक्टर ने जो डिलिवरी का डेट दी थी, वह 28 जनवरी को थी। रविवार को शाम 6 बजे उसे अचानक पेन होने लगा। हम उसे लेकर लेडी हार्डिंग अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचे। यहां पर डॉक्टर ने उसे एडमिट कर लिया और रात 1 बजकर 30 मिनट पर लड़का पैदा हुआ। नॉर्मल डिलिवरी हुई। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है, मुझे तो ऐसा लग रहा है कि मेरे घर राम ही आया है।उत्तम नगर में रहने वाले पवन कुमार सिंह ने बताया कि हफ्ते का पहला दिन सोमवार और 22 जनवरी का यह ऐतिहासिक दिन, इस दिन पिता बनने की मनोकामना पूरी हुई है। जिंदगी भर के लिए यादगार बन गया। लोग बच्चे के जन्म को यादगार बनाने के लिए क्या-क्या नहीं करते, भगवान राम ने तो बिना मांगे मुराद पूरी कर दी है। पवन ने कहा कि डॉक्टर ने फरवरी में डेट दी थी, लेकिन रविवार की रात 7 बजे पेट में दर्द शुरू हो गया। हम भागे-भागे उसे लेकर लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुंचे। सुबह लड़का पैदा हुआ। नॉर्मल डिलिवरी हुई है। रामलला ही हमारे घर पधारे हैं। मां बनी राखी ने कहा कि मेरी किस्मत में लिखा था, इसलिए आज मेरे घर नन्ही परी आई है। मैंने भगवान से बेटी मांगी थी और भगवान राम ने बेटी ही दी है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन मां बनने की खुशी इतनी है कि मैं बता नहीं सकती। राखी ने बताया कि वो लोग संत नगर, बुराड़ी में रहते हैं। डिलिवरी की डेट आगे की थी। लेकिन अचानक ऐसा हुआ कि इलाज के लिए एलएनजेपी आना पड़ा और यहां पर 8 बजकर 58 मिनट पर बेटी को जन्म दिया। राखी ने कहा कि परिवार में सभी खुश हैं, इससे अच्छा तो कुछ भी नहीं हो सकता।शुभ मुहूर्त में माता-पिता बनने की खुशीवहीं, दादी बनी जागृति देवी ने बताया कि मेरी बहू को सोमवार की ही डेट दी गई थी। लेकिन डॉक्टर ने सुबह 10 बजे आने को कहा था। लेकिन सोमवार तड़के ही उसे दर्द होने लगा तो हम लोग सुबह साढ़े 5 बजे उसे आकाश हॉस्पिटल ले गए। यहां उसका पहले से इलाज चल रहा था। भगवान राम ने मुझे पोती दी है। पूरा परिवार खुश है। इतनी शुभ घड़ी में बच्ची का जन्म भगवान का आशीर्वाद ही है। अस्पताल की गायनोकोलॉजिस्ट मधुलिका सिन्हा ने कहा कि सात से आठ डिलिवरी प्लांड थी, शुभ मुहूर्त में माता-पिता बनने की खुशी लोगों में थी।कोमल और राहुल की भी मनोकामना पूरी हुई। कोमल की डिलिवरी 17 से 24 जनवरी के बीच होनी थी, लेकिन कोमल ने 22 जनवरी की तारीख चुनी थी। कोमल चाहती थीं कि इस दिन वो मां बनें। कोमल ने कहा कि मुझे लगता है कि भगवान भी यही चाहते हैं, तभी तो मेरी डिलिवरी के समय की डेट प्राण प्रतिष्ठा की तारीख के आसपास मिली। राहुल ने बताया कि उनके घर बेटा आया है और यह भगवान राम का आशीर्वाद ही है।