टूटी पटरियों का पता लगाने, पटरियों पर सफाई आदि के लिए 23 नवोन्मेषी संस्थाओं की सेवाएं लेगा रेलवे

भारतीय रेलवे ने 23 इकाइयों को नियुक्त किया है जो देश में सुरक्षित और कुशल ट्रेन संचालन के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियां मुहैया करा सकती हैं।
इन संस्थाओं में स्टार्ट-अप, व्यक्तिगत नवोन्मेषक, एमएसएमई और एनजीओ शामिल हैं, जिन्होंने प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने और पटरियों पर पड़े कचरे की प्रभावी सफाई, टूटी हुई पटरी का समय पर पता लगाने, वायरलेस नेटवर्किंग के साथ ट्रेन के डिब्बों के लिए धुआं/अग्नि पहचान प्रणाली आदि के लिए रेलवे से वित्तीय सहायता प्राप्त की है।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने 13 जून, 2022 को ‘रेलवे के लिए स्टार्टअप’ पहल शुरू की थी जिसके तहत एक ‘भारतीय रेलवे नवोन्मेष पोर्टल’ बनाया गया। इस पोर्टल पर हम उन मुद्दों का उल्लेख करते हैं जिनके लिए हम नवोन्मेषकों के आने और हमें सहयोग करने का इंतजार कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें कुल 1251 प्रविष्टियां मिलीं जिनमें उनके नवोन्मेष की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए कई दौर की स्क्रीनिंग के बाद 23 कंपनियों की छंटनी की गई है।