ममता बनर्जी से क्‍या थी बकझक की वजह? रेल मंत्री वैष्णव ने दिया यह जवाब

बालासोर: ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे पर अब राजनीति शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान ममता ने हादसे को लेकर बड़ी आशंका जताई। ममता ने 500 से ज्यादा मौतें होने की आशंका जताई। इस पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उनकी बात को खारिज करते हुए कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 238 की पुष्टि हुई है। शाम तक मरने वालों की संख्या 288 तक पहुंच गई।केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ‘हम पूरी तरह से पारदर्शिता चाहते हैं, यह राजनीति करने का समय नहीं है। यह समय यह सुनिश्चित करने का है कि जल्द से जल्द बहाली हो।’ इससे पहले पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बचाव कार्य की जानकारी लेते हुए घटनास्थल का दौरा किया था। इस दौरान पूर्व रेलमंत्री ममता बनर्जी ने अश्विनी वैष्णव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ममता ने कहा, ‘यह इस सदी की सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटना है और इसकी उचित जांच होनी चाहिए।’ममता ने बताया- जब मैं रेल मंत्री थीममता ने कहा था, ‘मैं जब रेल मंत्री थी, तब मैंने टक्कर रोधी प्रणाली लगाने की शुरूआत की थी और इसने हादसों की संख्या घटा दी।’ उन्होंने दावा किया कि केरल, बेंगलुरु और ओडिशा से कुछ ही यात्री थे ,जबकि ज्यादातर यात्री पश्चिम बंगाल से थे। उन्होंने कहा, ‘कोरोमंडल एक्सप्रेस देश की सर्वश्रेष्ठ ट्रेनों में एक है। यह सदी का सबसे बड़ा रेल हादसा है। जब मैं रेल मंत्री थी, तब माओवादियों ने बिहार में एक हादसे की साजिश रची थी, जिसकी जांच सीआईडी को सौंपी गई थी। दुर्भाग्य से आज तक उसका कोई नतीजा नहीं निकला है।’ममता ने जताई थी 500 मौतों की आशंकाममता ने हादसे में जान गंवाने वाले पश्चिम बंगाल के यात्रियों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। ममता ने कहा था, ‘यह राजनीति करने का समय नहीं है। एक अच्छी जांच होनी चाहिए। इतने लोग कैसे मरे, सुना है 500 लोग मरे हैं।’ इस पर रेल मंत्री ने तुरंत आपत्ति जताई और कहा, ‘अभी तक 238 लोगों की मौत की आधिकारिक रूप से पुष्टि हुई है।’