फतेहपुर के पास मालगाड़ी हादसे के 24 घंटे बाद दिल्ली हावड़ा रूट पर बहाल हुई रेल सेवा

फतेहपुर: फतेहपुर में मालगाड़ी एक्सिडेंट के बाद से प्रभावित दिल्ली- हावड़ा रूट पर ट्रेन सेवा को बहाल करा लिया गया है। कानपुर और प्रयागराज के बीच अब लाइन खोल दी गई है। इससे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर बढ़ा दबाव भी कम हो गया है। रविवार सुबह करीब 10 बजे फतेहपुर के रमवां स्टेशन के पास खाली जा रही मालगाड़ी पलट गई थी। इसके बाद से रूट पर ट्रेन सेवा प्रभावित हुई। करीब 20 ट्रेनों को डीएफसी के जरिए कानपुर और प्रयागराज के बीच चलाया गया। दिवाली और छठ के कारण ट्रेनों में भारी भीड़ के बीच दुर्घटना ने रेलवे प्रशासन की परेशानी बढ़ा दी थी। लगातार ट्रैक को रीस्टोर करने का का कार्य किया जा रहा था। कानपुर से लेकर प्रयागराज तक के रेलवे विभाग के अधिकारियों को कार्य में लगाया गया। एक तरफ से रोड कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण कार्य में दिक्कत आई, लेकिन अब रेल सेवा को बहाल कर लिए जाने का समाचार आया है।

दिवाली के दौरान यात्रियों की जबर्दस्त भीड़ के बीच रविवार सुबह कानपुर-प्रयागराज के बीच फतेहपुर के रमवा स्टेशन पर मालगाड़ी पलट गई थी। प्रयागराज की तरफ जा रही खाली मालगाड़ी के 29 वैगन पटरी से उतरने के बाद अप और डाउन लाइन पर गिरे। इससे दूर तक ट्रैक उखड़ गया और ओएचई भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के कुछ ही घंटों के अंदर रेलवे ने ट्रैक को दोबारा फिट करने का काम शुरू कर दिया। नॉथ सेंट्रल रेलवे के डीआरएम मोहित चंद्रा ने कहा कि घटनास्थल पर एकतरफ से सड़क न होने से काम में देरी हो रही है। वहीं हादसे के चलते रेलवे ने लंबी दूरी की 20 ट्रेनों को डीएफसी के रास्ते चलाया, वहीं 6 ट्रेनों को कैंसल कर दिया गया।

रविवार सुबह 10:25 बजे कानपुर से एक खाली मालगाड़ी प्रयागराज की तरफ जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इंजन से छठवें वैगन के पहियों से अजीब आवाजें आ रही थीं। फतेहपुर के रमवा स्टेशन यार्ड पर अचानक वैगन पटरी से उतरे और दोनों तरफ के ट्रैक पर बिखर गए। कुल 29 वैगन पटरी से उतर गए थे। कई वैगनों के पहिए निकलकर आगे हो गए, तो कई एक के ऊपर एक चढ़ गए। सूचना मिलते ही कानपुर और प्रयागराज से रेलवे की टीमें एक्सिडेंट स्थल की ओर दौड़ पड़ीं।

ट्रेन सेवा बहाल होने से यात्रियों से लेकर अधिकारियों तक को राहत
फतेहपुर के रमवां स्टेशन के पास पलटी मालगाड़ी के सभी 29 डिब्बों को ट्रैक से हटा दिया गया है। दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुए अप और डाउन लाइन को दुरुस्त कर लिया गया है। इसके अलावा ओएचई में मालगाड़ी के डिब्बे टकराने से आई खराबी को दूर कर बिजली को बहाल कर दिया गया है। इससे अब ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई है। रेल प्रशासन अभी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, ट्रैक पर रेल सेवा बहाल होने के बाद यात्रियों ने चैन की सांस ली है। उन्हें पर्व के मौके पर जल्दी घर पहुंचने की उम्मीद बंध गई है। वहीं, ट्रैक के रीस्टोर होने से रेलवे के अधिकारी भी राहत महसूस कर रहे हैं।

डीएफसी काम आया
हादसे के चलते कानपुर और प्रयागराज की तरफ जा रहीं 20 ट्रेनें फंस गईं। वाराणसी की तरफ जा रही वंदेभारत एक्सप्रेस (22436) और अमृतसर-पटना (04076) फतेहपुर पहुंच गई थी। इन ट्रेनों को फतेहपुर से डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर के रास्ते प्रयागराज भेज तय रूट से चलाया गया। दिवाली के मौके पर भारी भीड़ में व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए लंबी दूरी की 20 से ज्यादा ट्रेनें डीएफसी के रास्ते प्रयागराज और कानपुर तक चलाई गईं। पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि डीएफसी से ट्रेन संचालन के चलते ट्रेनें ज्यादा लेट नहीं हुईं। कई ट्रेनों को लखनऊ-वाराणसी तो कई ट्रेनों को आगरा-बांदा के रूट से गंतव्य तक भेजा गया। 6 ट्रेनों को कैंसल कर दिया गया।