Rahul Gandhi punished : तमिलनाडु में कांग्रेस ने रेल सेवाएं बाधित कीं

मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सजा सुनाए जाने की निंदा करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु के कुंभकोणम और विरुधाचलम में रेल सेवाओं में बाधा उत्पन्न की, जबकि पार्टी विधायकों ने राज्य विधानसभा के सामने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि उन्होंने “भाई” राहुल गांधी से बात की और अपनी एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का आरोप लगाया।
स्टालिन ने एक ट्वीट में कहा, “यह बेहद निंदनीय और अभूतपूर्व है कि राहुल गांधी जैसे नेता को एक टिप्पणी के लिए दोषी ठहराया जाता है, जिसके बारे में उन्होंने खुद कहा था कि यह टिप्पणी निंदा करने के लिए नहीं की थी।”
स्टालिन ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “भाजपा द्वारा विपक्षी दलों को निशाना बनाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करना है और इस तरह के अत्याचारों का अंत होगा।”
अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन ने कहा, “राहुल जी, मैं ऐसे समय में आपके साथ खड़ा हूं। आपने इससे कहीं मुश्किल घड़ियां देखी हैं। हमारी न्याय व्यवस्था इतनी मजबूत है कि न्याय प्रदान करने में होने वाली गड़बड़ियों को ठीक कर सकती है। हमें यकीन है, सूरत की अदालत के फैसले के खिलाफ आपकी अपील पर आपको न्याय मिलेगा। सत्यमेव जयते।”
‘‘मोदी उपनाम’’ टिप्पणी मामले में सूरत की एक अदालत द्वारा राहुल गांधी को सजा सुनाए जाने की खबर मिलने के बाद तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के प्रमुख के. एस. अलागिरी ने कुछ पार्टी पदाधिकारियों के साथ कुंभकोणम रेलवे स्टेशन पर ट्रेन परिचालन बाधित किया। अलागिरी बृहस्पतिवार को कुंभकोणम की यात्रा पर थे।
उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा, ‘‘राहुल गांधी के चुनाव प्रचार अभियान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कोई सीधा जिक्र नहीं था। उन्होंने समान उपनाम वाले लोगों का संदर्भ दिया था।”
अलागिरी ने प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करने वालों को ‘देशद्रोही’ करार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार की आलोचना की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरुधाचलम में भी रेल सेवाएं बाधित कीं।
इस बीच, कांग्रेस विधायक दल के नेता के. सेल्वापेरुन्थगाई के नेतृत्व में पार्टी विधायकों ने माथे पर काली पट्टी बांधकर तमिलनाडु विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया।
उल्लेखनीय है कि सूरत की एक अदालत ने ‘‘मोदी उपनाम’’ संबंधी टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें बृहस्पतिवार को दो साल कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने राहुल गांधी को जमानत भी दे दी और उनकी सजा पर 30 दिन की रोक लगा दी, ताकि कांग्रेस नेता उसके फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकें।
भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
अलागिरी द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने एक ट्वीट में व्यंग्यात्मक टिप्पणी की, “गुजरात की एक अदालत द्वारा राहुल गांधी को दो साल कैद की सजा दिए जाने के बाद तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख के.एस. अलागिरी विरोध-प्रदर्शन में कूद पड़े। इस विरोध-प्रदर्शन को प्रसारित करने वाले मीडिया कर्मियों की संख्या विरोध करने वालों की संख्या से अधिक है।
अन्नामलाई ने टीएनसीसी प्रमुख और तीन अन्य लोगों द्वारा रेल पटरियों पर किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन का एक वीडियो भी साझा किया।