Rahul Gandhi ने असम पुलिस को और प्राथमिकी दर्ज करने की चुनौती दी, कहा कि वह डरेंगे नहीं

भीड़ को उकसाने के आरोप में गुवाहाटी पुलिस द्वारा राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करने के एक दिन बाद कांग्रेस नेता ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य को चुनौती दी कि वे ‘‘जितना संभव हो उतने मामले’’ दर्ज करें, लेकिन फिर भी वह डरेंगे नहीं।
बारपेटा जिले में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के सातवें दिन अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में कांग्रेस नेता ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की आलोचना की और उन पर जमीन और सुपारी से संबंधित कई आरोप लगाते हुए उन्हें देश का ‘‘सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री’’ करार दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि हिमंत विश्व शर्मा को यह विचार कैसे आया कि वह मामले दर्ज करके मुझे डरा सकते हैं। जितना संभव हो, उतने मामले दर्ज करें। 25 और मामले दर्ज करें, आप मुझे डरा नहीं सकते। भाजपा-आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) मुझे डरा नहीं सकते।’’
गुवाहाटी पुलिस ने मंगलवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य की राजधानी में हिंसा के कृत्यों के लिए गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की।
गांधी ने कहा, ‘‘भाजपा-आरएसएस असम की भाषा, संस्कृति और इतिहास को मिटाना चाहते हैं। वे असम को नागपुर से चलाना चाहते हैं, लेकिन हम इसकी अनुमति नहीं देंगे। असम को असम से ही चलाया जाएगा।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि असम में भ्रष्टाचार पर भ्रष्टाचार हो रहे हैं। उन्होंने शर्मा को देश का ‘‘सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री’’ करार दिया।
गांधी ने कहा, ‘‘जब वह (शर्मा) आपसे बात करते हैं, तो वह आपकी जमीन चुरा लेते हैं। जब आप सुपारी खाते हैं तो वह सुपारी कारोबार पर कब्जा कर लेते हैं। उन्होंने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में भी जमीन ली है।’’
कांग्रेस सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शर्मा के दिल ‘‘नफरत से भरे हुए हैं।