‘राहुल गांधी और कांग्रेस को सोचने की जरूरत है’, वायनाड सीट को लेकर बृंदा करात ने दी बड़ी नसीहत

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने सोमवार को घोषणा की कि वरिष्ठ नेता एनी राजा केरल में वायनाड लोकसभा क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार होंगी। यह सीट अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पास है। एनी राजा सीपीआई महासचिव डी राजा की पत्नी हैं। वह सीपीआई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य हैं। वह सीपीआई की महिला शाखा, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन की महासचिव भी हैं। कांग्रेस पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है लेकिन संभावना है कि राहुल गांधी वायनाड से चुनाव लड़ेंगे और एनी राजा के खिलाफ लड़ेंगे। इसे भी पढ़ें: क्या लोकसभा चुनाव लड़ेंगे एस जयशंकर और निर्मला सीतारमण? भाजपा ने रणनीति का किया खुलासाइसी को लेकर सीपीआई (एम) नेता बृंदा करात का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि सीपीआई ने वायनाड सीट से ‘महिला आंदोलन’ में अहम भूमिका निभाने वाली कॉमरेड एनी राजा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। अब वह पूरे एलडीएफ की ओर से उम्मीदवार होंगी। राहुल गांधी और कांग्रेस को सोचने की जरूरत है, वो कहते हैं कि उनकी लड़ाई बीजेपी से है। करात ने कहा कि केरल में अगर आप आते हैं और वामपंथ के खिलाफ लड़ते हैं तो आप क्या संदेश दे रहे हैं? इसलिए उन्हें अपनी सीट के बारे में एक बार फिर से सोचने की जरूरत है। हालांकि सीपीआई कांग्रेस के साथ विपक्षी इंडिया गुट का सदस्य है, जिसने 2019 के चुनावों में वायनाड सीट 4.3 लाख वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीती थी, वामपंथी पार्टी ने सार्वजनिक रूप से राहुल से आगामी चुनाव किसी अन्य सीट से लड़ने के लिए कहा है। एनी राजा ने कहा कि पिछले 40-45 वर्षों में पार्टी ने मुझे कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी हैं। मैं महिलाओं के बीच भी काम कर रही हूं, उन्हें एकजुट कर रही हूं और उनके मुद्दे उठा रही हूं। अब पार्टी ने मुझे नई जिम्मेदारी दी है।  इसे भी पढ़ें: Alok Kumar फिर चुने गये विहिप अध्यक्ष, अयोध्या में संपन्न हुई VHP की बैठक में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किये गयेकेरल में, यह कई वर्षों से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) बनाम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) रहा है। 2019 में भी सीपीआई ने वायनाड सीट पर चुनाव लड़ा था। एलडीएफ गठबंधन में सीपीआई को चार सीटें दी गई हैं और वायनाड उनमें से एक है। अन्य सीटें तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर और मवेलिककारा हैं। सीपीआई ने पिछली बार भी इन सभी सीटों पर चुनाव लड़ा था। केरल में, यह एलडीएफ बनाम यूडीएफ है, और राज्य में कोई इंडिया गठबंधन नहीं है।