कतर ने रसोई गैस की सप्लाई रोकी, लाल सागर में हमले का जताया डर, भारत की बढ़ी टेंशन

दोहा: लाल सागर में जारी तनाव का असर भारत पर सीधा पड़ने लगा है। कतर ने लाल सागर में हूती आतंकवादियों के खिलाफ अमेरिकी नेतृत्व वाले हमले के कारण तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) शिपमेंट की सप्लाई रोक दी है। कतर की राज्य ऊर्जा कंपनी ने कहा है कि वह लाल सागर के माध्यम से एलएनजी के निर्यात को तत्काल प्रभाव से रोक रही है। इससे पूरी दुनिया में प्राकृतिक गैस की कमी होने का डर जताया जा रहा है। भारत सबसे ज्यादा प्राकृतिक गैस कतर से आयात करता है। स्टैटिका की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपने कुल प्राकृतिक गैस आयात का 42 फीसदी हिस्सा कतर से मंगाता है।कतर एनर्जी ने चार टैंकरों को रोकाएक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि कई अन्य कंपनियों की तरह दुनिया के दूसरे सबसे बड़े एलएनजी निर्यातक कतर एनर्जी ने भी अब लाल सागर से कम से कम चार एलएनजी टैंकरों को रोक लिया है। हालांकि, कतर एनर्जी ने यह जरूर बताया कि एलएनजी का उत्पादन जारी है। कतर एनर्जी ने अपने सभी टैंकरों को लाल सागर से यात्रा न करने की सलाह दी है। कंपनी ने कहा है कि अगर टैंकर लाल सागर से गुजरने वाले हैं तो वह जहां हैं वहीं रूक जाएं और सुरक्षा सलाह का इंतजार करें। लाल सागर की जगह अफ्रीका के परिक्रमा की तैयारीएलएसईजी शिपट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि कतर के अल घरिया, अल हुवैला और अल नुमान जहाजों ने रास लाफान में एलएनजी लोड किया था और 14 जनवरी को ओमान में रुकने से पहले स्वेज नहर की ओर जा रहे थे। अल रेकायत, जो कतर वापस जा रहा था, वह भी 13 जनवरी को लाल सागर के अपने रास्ते में रुक गया है। कतरएनर्जी के बारे में सूत्र ने बताया, “यह सुरक्षा सलाह लेने के लिए एक तात्कालिक विराम आदेश है, अगर लाल सागर से गुजरना असुरक्षित रहता है तो हम अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप से होकर जाएंगे।”लाल सागर कितना महत्वपूर्णलाल सागर स्वेज नहर के जरिए भूमध्य सागर से जुड़ा हुआ है, जो यूरोप और एशिया के बीच सबसे छोटा शिपिंग मार्ग बनाता है। यह यमन और जिबूती के बीच बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य क जरिए अदन की खाड़ी से जुड़ा हुआा है। विश्व नौवहन यातायात का लगभग 12% हिस्सा इसी नहर से होकर गुजरता है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद तेल की आपूर्ति अप्रभावित रहने के कारण सोमवार को तेल की कीमतें कम हो गईं हैं।लाल सागर संकट का भारत पर सीधा असरलाल सागर में जारी संकट का भारत पर सीधा असर पड़ता दिख रहा है। भारत की निर्यात संवर्धन परिषद ने वाणिज्य मंत्रालय को बताया है कि लाल सागर संकट के कारण माल ढुलाई लागत बढ़ने से भारतीय निर्यातक अपनी खेप रोक रहे हैं। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि सरकार ने निर्यातकों को राहत देने के लिए ईसीजीसी को निर्यात कर्ज पर ब्याज दर नहीं बढ़ाने को कहा है। सार्वजनिक क्षेत्र की ईसीजीसी निर्यात संवर्धन संगठन है। यह भारतीय निर्यात को कर्ज बीमा कवर प्रदान करके उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करता है।लाल सागर में क्या हो रहा है?लाल सागर में हफ्तों तक जहाजों पर हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद अमेरिका और सहयोगी देशों ने शुक्रवार को विद्रोहियों पर हमले शुरू किए। इसके बाद हूती विद्रोहियों ने एक अमेरिकी युद्धपोत पर एंटी शिप क्रूज मिसाइल से हमला किया। हालांकि, पहले से चौकन्नी अमेरिकी नौसेना ने हूती की मिसाइल को हवा में ही मार गिराया। अमेरिका ने हूती विद्रोहियों की ओर से हुए हमले की पुष्टि की है। इजराइल-हमास युद्ध के दौरान हूती विद्रोहियों ने एशिया और पश्चिम एशिया के तेल तथा मालवाहक जहाजों को स्वेज नहर से यूरोप को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण गलियारे में निशाना बनाया है। ऐसे हमलों से इजराइल-हमास युद्ध के क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने का खतरा पैदा हो गया है।