‘पद संभालने से पहले ऑफिस का गंगाजल से शुद्धिकरण’ उज्जैन में पंचायत अध्यक्ष का शपथग्रहण चर्चा में

मध्यप्रदेश के उज्जैन में एक पंचायत अध्यक्ष का शपथग्रहण कार्यक्रम काफी चर्चा में है. दरअसल, शपथग्रहण करने के पूर्व संपूर्ण जिला पंचायत परिसर का गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया गया. इस दौरान संस्कृत विद्यालय के 21 बटुकों द्वारा मंत्रोच्चार भी किया गया. विंध्या पवार पंचायत अध्यक्ष पद की शपथ ले रही थीं. दरअसल, हाल ही में चुनाव हुआ था, जिसमें विंध्या पवार विजयी हुई थीं. लेकिन, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट की ओर रुख किया था. लेकिन कोर्ट ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद विंध्या पवार ने यह शुद्धिकरण कार्यक्रम किया.
विंध्या पवार शपथ लेने के बाद अपने कार्यकाल के पहले सम्मेलन में शामिल हुईं. प्रथम सम्मेलन में 25 सदस्यों में से 19 सदस्य उपस्थित हुए, जिन्हें सीईओ हेमलता शर्मा द्वारा शपथ दिलवाई गई. उपस्थित सदस्यों ने संकल्प लिया कि क्षेत्र के विकास में सभी लोगो की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए जाति, धर्म या संप्रदाय के नाम पर कोई भेदभाव नहीं करेंगे.
सम्मेलन मे हुई समस्या हल करने पर चर्चा
प्रथम सम्मेलन के दौरान जनपद अध्यक्ष विंध्यावर देवेन्द्रसिंह पवार और उपाध्यक्ष नासीर पटेल ने क्षेत्र के विकास के लिए कृत संकल्पित रहने का विश्वास दिलाया एवं ग्रामीण अंचलों की करीब 8 सड़कें जोकि पूरी तरह से जीर्ण-शीर्ण हो चुकी हैं, के संबंध में चर्चा की गई. साथ ही ग्रामीण अंचलों में बढ़ते हुए जंगली नीलगाय के संबंध में भी चिंता व्यक्त की गई और आश्वस्त किया गया कि इस क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर इन समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास करेंगे.
सम्मेलन के तत्काल बाद जनपद सदस्य एवं सरपंचों का प्रतिनिधि मंडल जिलाधीश से आशीष सिंह को दो मांग पत्र सौंपे गए. पहले में जनपद पंचायत के अंचल से जुड़ी जवासिया से तालोद फतेहाबाद, गंगेड़ी से ब्रजराजखेड़ी, उमरिया खालसा फंटा से ऐरवास खेमासा तक, टंकारिया से लेकोड़ा, टंकारिया से भेरुखेड़ा, बामोरा से आकासोदा बूचाखेड़ी खेमासा, आकासोदा से असलाना और झिलोरिया से फतेहाबाद सहित 8 सड़कों की रिपेयरिंग के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित करने की मांग की गई. दूसरे मांग पत्र में अंचल के जंगलों में बढ़ रही नीलगायों की समस्या से अवगत करवाते हुए इन्हें पकड़वाकर दूर छुड़वाने का आग्रह किया गया.
विकास मे बाधा बन रहे थे भाजपाई – राजेंद्र वशिष्ठ
वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र वशिष्ठ ने शपथग्रहण समारोह के दौरान कहा कि न्यायालय के कारण ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं, जनपद के चुने हुए जनप्रतिनिधियों की जीत हुई. भाजपा और उसके मंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्वाचित सदस्यों को कार्य नहीं करने दिया. आखिर में सत्य की जीत हुई है. न्यायालय के माध्यम से जनप्रतिनिधि को न्याय मिला है. श्री वशिष्ठ ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के साथ ही समस्त सदस्यों से कहा कि विकास कार्यों के साथ ही क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए, निष्पक्ष रूप से पारदर्शी प्रणाली अपनाते हुए कार्य हो जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके. कांग्रेस समर्थित जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष ढोल नगाड़ो के साथ जनपद पंचायत पहुंचे थे. यहां जमकर आतिशबाजी हुई. तत्पश्चात अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी सदस्यों ने शपथ लेकर अगले 5 साल गांव का विकास करने का संकल्प लेकर कामकाज शुरू कर दिया.