खरमास के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की तैयारी, संगठन मजबूत करने की कवायद

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल का मकर संक्रान्ति के बाद कभी भी विस्तार हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम में फेरबदल का खाका तैयार हो गया है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने को देखते हुए ये बदलाव हो सकते हैं। पीएम मोदी के मंत्रिमंडल का विस्तार इसी साल 8 जून को हुआ था, जिसमें कुल 12 चेहरों को जगह दी गई थी जबकि कुछ बड़े नामों की छुट्टी कर दी गई है। मंत्रिमंडल फेरबदल की खबरों के बाद से बीजेपी सांसदों में सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है।

सूत्रों ने बताया खरमास के बाद मकर संक्रान्ति के अवसर पर ये बदलाव हो सकता है। 2024 के आम चुनाव से पहले मंत्रिमंडल में ये आखिरी बदलाव हो सकता है। अगले साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में राज्यों के चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकता है। बजट सत्र से पहले पीएम मोदी नए चेहरों के साथ शुरुआत करने की तैयारी में हैं।

सूत्रों ने बताया कि जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं वहां के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल में बदलाव किए जाएंगे। माना जा रहा है कि इन बदलाव के जरिए अगले साल होने वाले चुनावों में बीजेपी बढ़त बनाने की कोशिश करेगी। सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल में फेरबदल में न केवल मंत्रियों के परफॉर्मेंस का ध्यान रखा जाएगा बल्कि रोटेशन पॉलिसी का भी पालन किया जाएगा ताकि अन्य को भी मौका मिल पाए। इसके जरिए काबिल सांसदों को मौका देना और कुछ मंत्रियों का इस्तेमाल संगठन में करना है।

मोदी मंत्रिमंडल में 2019 के बाद एकमात्र बदलाव इस साल जून में हुआ था। 8 जून को हुए इस बदलाव में 12 मंत्रियों को शामिल किया गया था जबकि कुछ बड़े मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई थी। सूत्रों का मानना है कि इस बार के फेरबदल में भी कुछ ऐसा ही होने वाला है। माना जा रहा है कि इस बार लोकसभा सांसदों की संख्या मंत्रिमंडल में बढ़ सकती है और यहां के सांसदों को अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती है।

गुजरात के सांसदों को मिलेगा इनाम

सूत्रों ने बताया कि गुजरात विधानसभा में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए राज्य के कुछ सांसदों को इनाम दिया जा सकता है। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का ये साफ कहना है कि पार्टी को सफलता दिलाने वाले लोगों को इग्नोर नहीं किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि पार्टी के बड़े नेताओं ने गुजरात के नेताओं के कई राउंड की बातचीत की है। ये तय किया गया है कि मंत्रिमंडल में महिलाओं और आरक्षित वर्ग से आने वाले लोगों को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है।

लिस्ट तैयार, बस डेट अनाउंस होना बाकी

सूत्रों ने बताया कि नेताओं से बातचीत में मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले सांसदों के नामों की लिस्ट बन गई है। इसके अलावा पार्टी और बीजेपी शासित राज्यों की सरकार के बीच बेहतर समन्वय की बात पर भी जोर दिया गया है।