प्रखर चतुर्वेदी ने फाइनल में ठोके नाबाद 404 रन, तोड़ा युवराज का 25 साल पुराना रिकॉर्ड

नई दिल्ली: उभरते सितारे ने में नाबाद 404 रन बनाते हुए रिकॉर्ड बुक तहस-नहस कर दिया। मुंबई के खिलाफ फाइनल में प्रखर चतुर्वेदी की इस ऐतिहासिक पारी के बूते कर्नाटक चैंपियनशिप भी जीतने में कामयाब रहा। कूच बिहार ट्रॉफी भारत का प्रतिष्ठित अंडर-19 डोमेस्टिक टूर्नामेंट है, जिसके फाइनल में आजतक कभी किसी बल्लेबाज ने 400 रन का आंकड़ा पार नहीं किया था। साथ ही, उन्होंने कूच बिहार ट्रॉफी के फाइनल मैच में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर के युवराज सिंह के रिकॉर्ड को तोड़ दिया और टूर्नामेंट में कुल मिलाकर सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर की सूची में नंबर 2 पर आ गए। 2011-12 सीजन में असम के खिलाफ महाराष्ट्र के लिए विजय जॉल का नाबाद 451 रन टूर्नामेंट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। युवराज सिंह के रिकॉर्ड को तोड़ा प्रखर चतुर्वेदी ने फाइनल में 638 गेंद में नाबाद 404 रन बनाए, इस दौरान उनके बल्ले से 46 चौके और तीन छक्के निकले। शिवमोग्गा में खेले गए फाइनल में मुंबई की पहली पारी की बढ़त के आधार पर 380 रन के जवाब में चतुर्वेदी के नाबाद 404 रन की बदौलत कर्नाटक ने 8 विकेट पर 890 रन बनाकर जीत हासिल की। कूच बिहार ट्रॉफी के फाइनल मैच में पिछला सर्वोच्च स्कोर युवराज का था, जो दिसंबर 1999 में बना था, जब उन्होंने बिहार की टीम पर पंजाब की जीत (पहली पारी की बढ़त पर) में 358 रन बनाए थे, जिसमें एमएस धोनी भी शामिल थे।