बूंद-बूंद पानी के लिए भी तरस सकता है कंगाल पाकिस्‍तान, जानिए क्‍या कहती है UN की रिपोर्ट

इस्‍लामाबाद: संयुक्त राष्‍ट्र यूनिवर्सिटी (UN University) की तरफ से गुरुवार को ग्‍लोबल वॉटर सिक्‍योरिटी 2023 को जारी किया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के 33 देश ऐसे हैं जहां पर पानी का संकट बढ़ने वाला है। इस रिपोर्ट में पाकिस्‍तान का भी जिक्र है। रिपोर्ट में पाकिस्‍तान को सबसे संवेदनशील देशों में शामिल किया गया है। आर्थिक संकट का सामना करने वाले देश के लिए यह रिपोर्ट जाहिर तौर पर डराने वाली है। पाकिस्‍तान की मीडिया ने इस प्रमुखता के साथ छापा है। अखबार डॉन के मुताबिक यूएन ने पाकिस्तान और 22 देशों को पानी के लिहाज से सबसे असुरक्षित श्रेणी में रखा है। सबसे कम संसाधनों वाले देश एक प्रेस रिलीज जारी कर इस रिपोर्ट का ऐलान किया गया है। इस रिलीज के मुताबिक विशेषज्ञों ने दुनियाभर के जल संसाधनों का सबसे हालिया मूल्यांकन किया। यह मूल्‍यांकन बताता है कि प्रबंधित पीने के पानी और स्वच्छता अभी भी दुनिया की ज्‍यादातर आबादी के लिए एक ‘सपना’ है, क्योंकि अधिकतर 70 फीसदी यानी 5.5 अरब लोगों के लिए सुरक्षित पानी मौजूद नहीं है। अफ्रीका के पास सिर्फ क्षेत्र की जनसंख्या के 15 प्रतिशत के स्तर पर सबसे कम उपलब्धता है। डॉन की मानें तो विशेषज्ञों ने पाया कि दुनिया की अधिकांश आबादी सोलोमन आइलैंड्स, इरित्रिया, सूडान, इथियोपिया, वानुअतु, अफगानिस्तान, जिबूती, हैती, पापुआ न्यू गिनी, सोमालिया, लाइबेरिया, सेंट किट्स और नेविस, लीबिया, मेडागास्कर, दक्षिण सूडान, माइक्रोनेशिया, नाइजर, सिएरा लियोन, यमन, चाड, कोमोरोस, और श्रीलंका जैसे जल-असुरक्षित देशों में रहती है।पानी की कमी चिंता की वजह रिपोर्ट में कहा गया है कि पानी विकास के लिए मौलिक तत्व है। इस वजह से इसकी कमी मुख्य चिंता की सबसे बड़ी वजह है क्योंकि जल सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। डेनमार्क, लक्समबर्ग, ऑस्ट्रिया, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड, फिनलैंड और आइसलैंड के साथ-साथ, आयरलैंड, फ्रांस, लिथुआनिया, यूनान, जर्मनी, यूके, एस्टोनिया, इटली, लातविया, स्पेन, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, क्रोएशिया, चेकिया, हंगरी और पुर्तगाल के साथ-साथ, इस रिपोर्ट में स्वीडन को सबसे ऊंचे स्तर की जल सुरक्षा वाला देश माना गया।क्‍या था इस जांच का मकसद यूएन रिपोर्ट ने दस क्षेत्रों में जल सुरक्षा की जांच की थी ताकि दुनिया भर में जल सुरक्षा स्थिति की अधिक ‘असली समझ’ मिल सके। इनमें पीने का पानी, स्वच्छता, अच्छी सेहत, जल गुणवत्ता, जल उपलब्धता, जल मूल्य, जल शासन, मानव सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा और जल संसाधनों की स्थिरता शामिल थीं। प्रेस रिलीज के अनुसार, ‘नतीजे चिंताजनक थे। वर्तमान में दुनिया की 78 प्रतिशत आबादी (6.1 अरब लोग) पानी की कमी वाले देशों में रहती हैं।’ रिपोर्ट के अनुसार, अफ्रीका में साफ पानी वाली सेवाओं की कमी रहने से क्षेत्र की जल सुरक्षा खराब होती है। 54 अफ्रीकी देशों में, जिनमें 33 कम विकसित और 6 छोटे टापू विकसित राज्य शामिल हैं, लगभग 31 प्रतिशत (411 मिलियन से अधिक) आबादी को एक बुनियादी जल आपूर्ति तक पहुंच नहीं होती है।