गरीब और गरीब,अमीर और अमीर हो गया, दुनिया में दौलत का ये कैसा बंटवारा?

नई दिल्ली: दुनिया में अमीर और गरीब के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है। अमीर लगातार और ज्यादा रईस होते जा रहे हैं। अरबपतियों की दौलत बढ़ रही है। वहीं गरीबों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। लोगों की कमाई घट रही है। स्विटजरलैंड के दावोस में 15 जनवरी से शुरू हुए की सालाना बैठक में जारी एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इस बैठक में जारी में यह दावा किया गया है कि दुनिया के पांच सबसे रईस लोगों की दौलत 2020 के बाद से दोगुनी से ज्यादा हो गई है। इसके मुताबिक, मौजूदा रुझान जारी रहा तो एक दशक के अंदर ही दुनिया को पहला Trillionaire यानी खरबपति मिल जाएगा। रिपोर्ट कहती है कि 2020 के बाद से अब तक 5 अरब लोगों की आमदनी घटी है और गरीबों की संख्या बढ़ी है।पांच अमीरों की संपत्ति हुई दोगुनीदुनिया के पांच सबसे अमीर लोगों की संपत्ति 2020 के बाद से दोगुनी से अधिक हो गई है। वहीं विश्व को एक दशक में अपना पहला खरबपति मिल सकता है। अगर यह रुझान जारी रहता है तो अगले 229 वर्षों तक गरीबी खत्म नहीं होगी। ऑक्सफैम ने यहां वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम (WEF) की सालाना बैठक के पहले दिन सोमवार को अपनी सालाना असमानता रिपोर्ट जारी करते हुए ये जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 10 सबसे बड़े कॉरपोरेशन में से सात में सीईओ या प्रमुख शेयल होल्डर एक अरबपति हैं। 148 टॉप कॉरपोरेशन ने 1800 अरब अमेरिकी डॉलर का मुनाफा कमाया, जो तीन साल के औसत से 52 प्रतिशत अधिक है। अमीर शेयर होल्डर्स को भारी भुगतान किया गया, जबकि करोड़ों लोगों को वास्तविक अवधि के वेतन में कटौती का सामना करना पड़ा।5 अरब लोग और गरीब हुएअसमानता और ग्लोबल कॉरपोरेट शक्ति पर ऑक्सफैम की रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया के पांच सबसे अमीर लोगों की संपत्ति 2020 के बाद से 1.4 करोड़ अमरीकी डॉलर प्रति घंटे की दर से 405 अरब अमरीकी डॉलर से दोगुनी से अधिक बढ़कर 869 अरब अमरीकी डॉलर हो गई है। करीब पांच अरब लोग पहले ही गरीब हो चुके हैं। रिपोर्ट में कहा गया, अगर मौजूदा रुझान जारी रहा तो एक दशक के भीतर दुनिया को पहला खरबपति मिल जाएगा, लेकिन गरीबी अगले 229 वर्षों तक खत्म नहीं होगी।ऑक्सफैम इंटरनेशनल के अंतरिम कार्यकारी निदेशक अमिताभ बेहार ने कहा कि वैश्विक आबादी का सिर्फ 21 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करने के बावजूद ‘ग्लोबल नॉर्थ’ के अमीर देशों के पास 69 प्रतिशत वैश्विक संपत्ति है। दुनिया के 74 प्रतिशत अरबपतियों की संपत्ति यहीं है।