Budget Session 2024 से पहले PM Modi का आया बयान, कहा- आदतन लोकतंत्र का चीरहरण करते हैं लोग

संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरु होने वाला है। ये बजट सत्र बेहद खास होने वाला है, क्योंकि इस सत्र में अंतरिम बजट पेश किया जाएगा। इस सत्र में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम और अंतरिम बजट एक फरवरी को पेश करेंगी। इससे पहले 31 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण की जगह इस वर्ष रिपोर्ट पेश की जाएगी।  संसद में बजट सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बयान जारी किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में पहला सत्र जो आयोजित हुआ था, उसमें एक सांसद ने बेहद गरिमापूर्ण फैसला लिया था। ये फैसला नारीशक्ति वंदन अधिनियम था। इसके बाद 26 जनवरी को परेड में भी कर्तव्यपथ पर नारी शक्ति के सामर्थ्य को देखा। इसमें महिलाओं के शौर्य, संकल्प शक्ति को भी अनुभव किया गया। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी 2024 से बजट सत्र की शुरुआत हो रही है। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण और अगले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा अंतरिम बजट पेश किए जाने से भी नारी शक्ति की ताकत का परिचय देखने को मिलेगा। इस बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं आशा करता हूं कि इस वर्ष में जिसे जो समझ आया, उसी के अनुरुप संसद में काम हुआ। जिनका आदतन हुड़दंग करना स्वभाव बन गया है, जो आदतक लोकतांत्रिक मूल्यों का चीरहरण करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में सभी सांसद इस अंतिम सत्र में मिलेंगे। इस दौरान सभी को जरुरत है कि आत्मनिरीक्षण करें कि बीते 10 वर्षों में उन्होंने जो काम किया, अपने संसदीय क्षेत्र में इसके बारे में जानकारी हासिल करें।  उन्होंने कहा कि विरोध का स्वर तीखा हो, मगर सदम में उत्तम विचारों को लाभान्वित करने वाले शब्दों का योगदान अधिक होता है। आगामी दिनों में भी सदन में चर्चाएं होंगी, जिसमें देखा जाएगा कि एक शब्द इतिहास की तारीख बनकर उभरेगा। विरोध करने वालों ने अपनी बुद्धि और प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। हमारे खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया करने वाले भी लोकतंत्र प्रेमी हैं। मगर जिन्होंने सिर्फ नकारात्मकता फैलाई, हुडदंग किया उन्हें कोई याद नहीं करेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सांसद से भी अपील की कि ये सत्र उन सभी के लिए पश्चाताप का मौका है। अच्छे काम कर उसके नतीजे छोड़ने का मौका है। देशहित में जो भी विचार हैं उन्हें सदन में रखें। उन्होने विश्वास जताया कि पूर्ण बजट भी वर्तमान सरकार ही चुनावों के बाद लेकर आएगी।