तीर निशाने पर लगा है… PM मोदी ने नीतीश-हेमंत का नाम लिए बिना विपक्ष की बढ़ाई हार्ट बीट

नई दिल्ली/पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया गठबंधन को बनाने में अहम रोल निभाने वाले नीतीश कुमार के अचानक एनडीए में आने पर इशारों में विपक्ष पर तंज कसा है। लोकसभा में पीएम मोदी ने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर भी निशाना साधा, लेकिन दोनों ही बातों को कहने में पीएम ने किसी नेता का नाम नहीं लिया। उन्होंने इशारों में तंज कसा है।नीतीश कुमार के एनडीए में आने की बात पर पीएम मोदी ने कहा कि यहां पर बहुत गुस्सा व्यक्त किया गया है। जितना हो सकता था उतना कठोर शब्दों में गुस्सा व्यक्त किया गया है। उनका दर्द मैं समझता हूं। उनकी मुसीबत और ये गुस्सा मैं समझता हूं, क्योंकि तीर निशाने पर लगा है। यहां बता दें कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू का निशान तीर ही है। इसके बाद पीएम ने हेमंत सोरेन खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में हो रही कार्रवाई पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर एजेंसियां ऐक्शन ले रही हैं। उसको लेकर भी इतना गुस्सा। क्या-क्या शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है। 10 साल पहले हमारे सदन में क्या चर्चा होती थी। सदन का पूरा समय घोटालों पर चर्चा में जाता था। भ्रष्टाचार पर चर्चा में जाता था। सदन से लगातार ऐक्शन की डिमांड की मांग करता था। आज जब भ्रष्टाचारियों के खिलाफ ऐक्शन लिया जा रहा है तो सदन में आवाज उठाई जा रही है। इनके समय में एजेंसियों का केवल राजनीतिक उपयोग किया जाता था। बाकी उनको कोई काम करने नहीं दिया जाता था। पीएम ने कहा कि उनके कालखंड के मुकाबले हमने PMLA एक्ट के तहत हमने 2 दर्जन अधिक केस दर्ज किए। कांग्रेस के समय में ईडी ने 5 हजार करोड़ की संपत्ति जब्त की। हमारे कार्यकाल में ईडी ने एक लाख करोड़ की संपत्ति जब्त की। हमारे काल में लूटा हुआ माल देना ही होगा। पीएम ने कहा कि अधीर बाबू तो बंगाल से आते हैं, उन्होंने देखा है कि किसके घर से नोटों के ढेर पकड़े जाते हैं। ये देश नोटों के ढेर देख देखकर चौंक गया है। लेकिन अब आप जनता को मूर्ख नहीं बना सकते हैं। जनता देख रही है कि किस प्रकार से कार्रवाई हो रही है। अब बिचौलिए के लिए गरीबों को लूटना मुश्किल हो गया है। हमने 30 लाख करोड़ रुपये सीधे लोगों के खाते में पहुंचाए हैं। कांग्रेस के प्रधानमंत्री कहते थे कि वह दिल्ली से 1 रुपये भेजते हैं तो वह गरीब के पास 15 पैसे पहुंचते हैं। अगर वह व्यवस्था होती तो सोचिए कितने लाख करोड़ रुपये इधर उधर जाते। हमारी सरकार ने 10 करोड़ फर्जी नाम हटवाए।