पराक्रम दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए PM Modi, बोले- नेताजी का जीवन और उनका योगदान, युवा भारत के लिए प्रेरणा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित पराक्रम दिवस समारोह में भाग लिया। पराक्रम दिवस के अवसर पर लाल किले में आयोजित एक प्रदर्शनी का उन्होंने निरीक्षण भी किया। मोदी ने पराक्रम दिवस के अवसर पर आईएनए के अनुभवी लेफ्टिनेंट आर माधवन को सम्मानित किया। इस दौरान पराक्रम दिवस की बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आजाद हिंद फौज के क्रांतिवीरों के सामर्थ्य का साक्षी रहा ये लाल किला आज फिर नई ऊर्जा से जगमग है। अमृतकाल के शुरुआती वर्ष… पूरे देश में संकल्प से सिद्धि का उत्साह… ये पल वाकई अभूतपूर्व है।  इसे भी पढ़ें: कारतूस बदलने का वक्त आ गया…25 तारीख बिहार की राजनीति के लिए रहने वाला है बहुत खास? मोदी ने कहा कि कल ही पूरा विश्व, भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक ऐतिहासिक पड़ाव का साक्षी बना है। भव्य राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की ऊर्जा को, उन भावनाओं को, पूरे विश्व ने, पूरी मानवता ने अनुभव किया है। और आज हम नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जन्म-जयंती का उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज पराक्रम दिवस पर लाल किले से भारत पर्व का भी आरंभ हो रहा है। अगले 9 दिनों में भारत पर्व में गणतंत्र दिवस की झांकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के द्वारा देश की विविधता का प्रदर्शन किया जाएगा। मोदी ने कहा कि नेताजी ने भारत की आज़ादी के लिए अपने सपनों, अपनी आकांक्षाओं की तिलांजलि दे दी। वे चाहते तो अपने लिए एक अच्छा जीवन चुन सकते थे, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को भारत के संकल्प के साथ जोड़ दिया।नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये नेताजी ही थे जिन्होंने पूरी ताकत से Mother of Democracy के रूप में भारत की पहचान को विश्व के सामने रखा। जब दुनिया में कुछ लोग भारत में लोकतंत्र के प्रति आशंकित थे, तब नेताजी ने उन्हें भारत के लोकतांत्रिक अतीत को याद दिलाया। नेताजी कहते थे कि लोकतंत्र, मानव संस्था है। उन्होंने कहा कि नेताजी जानते थे कि गुलामी सिर्फ शासन की ही नहीं होती है, बल्कि विचार और व्यवहार की भी होती है। इसलिए उन्होंने विशेष रूप से तब की युवा पीढ़ी में इसको लेकर चेतना पैदा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि नेताजी का जीवन और उनका योगदान, युवा भारत के लिए एक प्रेरणा है। ये प्रेरणा हमारे साथ हमेशा रहे, कदम-कदम पर रहे इसके लिए बीते 10 वर्षों में हमने निरंतर प्रयास किया है। हमने कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा को उचित स्थान दिया है। हमारा मकसद है- कर्तव्य पथ पर आने वाले हर देशवासी को नेताजी का कर्तव्य के प्रति समर्पण याद रहे। इसे भी पढ़ें: Pran Pratistha के लिए PM के अनुष्ठान और अनुशासन से प्रभावित होकर Rajnath Singh बोले- राजनीति को पहली बार मिला है कोई साधकमोदी ने कहा कि आजाद हिंदुस्तान में किसी सरकार ने आजाद हिंद फौज को समर्पित इतना काम नहीं किया, जितना हमारी सरकार ने किया है और इसे मैं अपनी सरकार का सौभाग्य मानता हूं।