Kerala में विभिन्न परियोजनाओं का PM Modi ने किया उद्घाटन, बोले- अपनी समुद्री शक्ति बढ़ा रहा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज केरल के दौरे पर हैं। हाल के दिनों में उनका यह दूसरा दौरा है। इस दौरान आज उन्होंने कोच्चि में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इससे पहले मोदी ने गुरुवयूर में गुरुवयूर मंदिर में पूजा की। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि आज सुबह गुरुवायूर मंदिर में पूजा-अर्चना करने का अवसर मिला। कुछ दिन पहले 30 दिसंबर को अयोध्या में महर्षि वाल्मिकी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करते समय, मैं केरल में रामायण से संबंधित चार मंदिरों के बारे में बात कर रहा था…अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले त्रिप्रयार श्री रामास्वामी मंदिर में पूजा करने का सौभाग्य मिला।  इसे भी पढ़ें: Pakistan-Iraq warning: सो रहा था पाकिस्तान, ईरान ने ऐसे घर में घुसकर मारा, इराक को भी नहीं बख्शा, पिटने के बाद दी धमकी- भुगतने होंगे गंभीर परिणाममोदी ने कहा कि इस ‘आज़ादी के अमृत काल’ में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में देश के हर राज्य की अपनी-अपनी भूमिका है। ऐसे समय में जब भारत समृद्ध था, जब वैश्विक जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी बहुत बड़ी थी, तब उसकी ताकत उसके बंदरगाह और बंदरगाह शहर ही थे। अब, जब भारत फिर से वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है, तो हमने अपनी समुद्री शक्ति को मजबूत करना शुरू कर दिया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब भारत वैश्विक व्यापार का केंद्र बन रहा है, तब हम अपनी समुद्री शक्ति बढ़ा रहे हैं। आज देश को अपना सबसे बड़ा ड्राई डॉक (एनडीडी) मिल गया। इसके अलावा जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत और एलपीजी आयात टर्मिनल के बुनियादी ढांचे का भी उद्घाटन किया गया है। इन नए फीचर्स से शिपयार्ड की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। मैं केरल के लोगों को इन सुविधाओं के लिए बधाई देता हूं। मोदी ने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है उनसे देश के दक्षिणी क्षेत्र की प्रगति और विकास में तेजी आएगी।  इसे भी पढ़ें: ड्रोन का पहरा, 10 हजार से ज्यादा CCTV कैमरे, चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती, अभेद्य बनी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्थामोदी ने कहा कि केंद्र सरकार कोच्चि जैसे तटीय शहरों की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। हम सागरमाला परियोजना जैसी पहल के माध्यम से बंदरगाहों की क्षमता बढ़ाने, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को बनाने और मजबूत करने और बंदरगाहों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं।