पीतमपुरा अग्निकांड : दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की, इमारत के मालिक से पूछताछ

दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में एक रिहायशी इमारत में आग लगने से छह लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने कुछ घंटों बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और इमारत के मालिक व उसकी पत्नी से पूछताछ की। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस को संदेह है कि आग लगने का मुख्य कारण इमारत की पहली मंजिल पर लगे रूम हीटर में शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
उत्तर-पश्चिम दिल्ली में एक बहुमंजिला इमारत में बृहस्पतिवार रात आठ बजे आग लग गई थी, जिसमें चार महिलाओं सहित तीन परिवारों के छह लोगों की मौत हो गयी थी।
उत्तर-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त जितेंद्र मीणा ने बताया कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) टीम ने आग के कारण का पता लगाने के लिए मौके से नमूने एकत्र किए हैं।
मीणा ने बताया, इस समय हम हीटर में शॉर्ट सर्किट की आशंका से इनकार नहीं कर सकते।
पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कई घंटों तक चालू रहने के कारण रूम हीटर में शॉर्ट सर्किट हो गया।
अधिकारी ने बताया कि एफएसएल टीम ने रूम हीटर के जले हुए हिस्से सहित कई नमूने एकत्र किए हैं हालांकि आग लगने के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
पुलिस ने बताया कि इमारत के हर दरवाजे में स्वचालित ताला लगा था, जो कारण हो सकता है कि लोगों को समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका।
अधिकारी ने बताया कि इमारत के मालिक सुभाष चंद गुप्ता और उनकी पत्नी ममता ऊपरी भूतल (अपर ग्राउंड) मंजिल पर रहते थे जबकि उनका बेटा और बहू इमारत की पहली मंजिल पर रहते थे।
उन्होंने बताया कि घटना के समय सुभाष चंद के बेटे और बहू शहर से बाहर थे, जिस कारण पहली मंजिल पर ताला लगा हुआ था। उन्होंने बताया कि भूतल पर इमारत के लोगों के लिए पार्किंग की जगह थी जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल को किराए पर दिया हुआ था।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने सुभाष चंद, उनकी पत्नी और एक अन्य पड़ोसी के बयान दर्ज किए हैं।
अस्पतालों से मिली सूचना के अनुसार, मृतकों की पहचान राकेश गुप्ता (62), रेनू गुप्ता (62), श्वेता (30), शानू वर्मा (27), संतोष (25) और कीर्ति (25) के रूप में की गयी है।
अधिकारी के मुताबिक, इमारत में रहने वाले एक अन्य व्यक्ति साहिल (34) को अस्पताल भेजा गया लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
पुलिस ने बताया कि संतोष को छोड़कर अन्य सभी मृतक किरायेदार थे और दूसरी व तीसरी मंजिल पर रहते थे।
अधिकारियों ने बताया कि मौर्या एन्क्लेव थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए (लापरवाही से मौत), 285 (लापरवाहीपूर्ण आचरण) और धारा 336 (जिंदगियां खतरे में डालना) के तहत एक मुकदमा दर्ज किया गया है।