भारत से मिले ‘ब्रह्मास्त्र’ से चीन की हेकड़ी निकालेगा फिलीपींस, दक्षिणी चीन सागर के सामने बनाया ब्रह्मोस मिसाइल का बेस

मनीला: भारत से ब्रह्मोस मिसाइल हासिल करने के बाद अब फिलीपींस चीन से आर-पार करने के मूड में आ गया है। चीनी आक्रामकता का जवाब देने के लिए फिलीपींस ने विवादित दक्षिणी चीन सागर के सामने एक नौसैनिक अड्डे पर ब्रह्मोस एंटी शिप मिसाइल बेस तैयार किया है। नेवल न्यूज ने एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। इसमें इलाके की सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर ये दावा किया गया है कि फिलीपींस के पश्चिमी लूजॉन के तट पर जाम्बलेस में नौसैनिक अड्डे लियोविगिल्डो गेंटियोकी में ब्रह्मेस साइट का निर्माण कर रहा है। यहां से फिलीपींस विवादित स्कारबोरो शोल के आगे तक निशाना लगा जा सकता है।इसी साल मिली है फिलीपींस को ब्रह्मोसमनीला ने 2022 में भारत से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को लेकर एक महत्वपूर्ण डील की थी। इसी साल अप्रैल में भारत से मिसाइल की पहली खेप फिलीपींस को मिली थी। चीन के साथ क्षेत्रीय विवाद के बीच देश की सेना के आधुनिकीकरण के लिए की गई इस डील में फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल की तीन बैटरियों और फिलीपींस मरीन कॉर्प्स कोस्टल डिफेंस रेजिमेंट को सिस्टम के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करना था। यह पहली बार है जब भारत ने किसी दूसरे देश को ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली बेची है। इस सौदे के बाद अब वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों ने भी भारतीय मिसाइल में अपनी रुचि दिखाई है।भारतीय ब्रह्मोस ठिकानों से छोटाहालिया सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि फिलीपींस मर्चेंट मरीन अकादमी के दक्षिण में एक नए बेस का निर्माण किया जा रहा है, जो पहले देश के सशस्त्र बलों द्वारा हमले और तटीय रक्षा प्रशिक्षण के लिए एक क्षेत्र के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली जमीन के एक हिस्से पर है। इसमें आगे कहा गया है कि फिलीपींस की नौसेना का प्रतिष्ठान भारतीय ब्रह्मोस ठिकानों से छोटा लगता है। ऐसा संभवतः मनीला द्वारा ब्रह्मोस सिस्टम की खरीद की कम क्षमता के चलते हो सकता है। भारतीय लॉन्चरों के तीन के मुकाबले मनीला को दिए प्रत्येक लॉन्चर में केवल दो मिसाइल हैं। चीन से टकराने की मूड में फिलीपींसफिलीपींस के ब्रह्मोस बेस बनाने का दाव अगर सही है तो यह पहले से ही विवादित क्षेत्र में तनाव को बढ़ा सकता है। इसके साथ ही ये भी साफ हो गया है कि मनीला ने अब बीजिंग से सीधे टकराने का मन बना लिया है। चीनी नौसेना लूजोन जलडमरूमध्य का उपयोग करती है, जो दक्षिण चीन सागर और फिलीपींस सागर के बीच मार्ग के लिए एक चोक पॉइंट है। फिलीपींस ब्रह्मोस एंटी शिप मिसाइलों को स्कारबोरो शोल से सिर्फ 250 किमी की दूरी पर तैनात करेगा, जो दोनों राज्यों के बीच एक विवादित स्थल है। फिलीपींस को जो मिसाइल दी गई है, उसकी रेंज 290-300 किलोमीटर तक है।