पंडित नेहरू ने लाल किले से किया था भारतीयों का अपमान? जानिए 1959 के उस भाषण में क्या कहा था

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम लोकसभा से कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय को हमेशा नीचा दिखाया है। पीएम मोदी के इस भाषण पर कांग्रेस ने पलटवार किया है।कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी के भाषण को बेतुका बताया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि प्रधानमंत्री कल लोकसभा में बिल्कुल बेतुकी और बकवास बातें करते रहे। सदन में उनका यह सबसे निम्न स्तर था। आज राज्यसभा में भी वह इसे निस्संदेह दोहराएंगे। वह गहरी असुरक्षा और हीन भावना से ग्रस्त हैं। इसी वज़ह से वह नेहरू पर सिर्फ़ राजनीतिक ही नहीं, बल्कि बेहद घटिया ढंग से व्यक्तिगत हमले भी करते हैं। ऐसे में आइए सुनते हैं आखिर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले के प्रचार से क्या सच में भारतीय को आलसी कहा था और नीचा दिखाया था। आइए सुनते हैं उस दिन पहले प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में क्या क्या कहा था। यहां है पंडित नेहरू का पूरा भाषण उस दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने अपने संबोधन में कहा था कि हिंदुस्तान में ज्यादा मेहनत करने की आदत आमतौर से नहीं है। हमारा कसूर नहीं है, आदतें ऐसी पड़ जाती है। लेकिन हम उतना काम नहीं करते, जितना यूरोप वाले या जापान वाले या चीन वाले या रूस वाले या अमेरिका वाले करते हैं। यह न समझिए कि वह कौमें कोई जादू से खुशहाल हो गईं, मेहनत से हुई हैं और अक्ल से हुई हैं। तो हम भी मेहनत और अक्ल से आगे बढ़ सकते हैं, कोई और चारा नहीं हैं। उन्होंने आगे के कहा कि हम कोई जादू से नहीं बढ़ सकते, क्योंकि दुनिया इंसान के काम से चलती है और इंसान की मेहनत से सारी दुनिया की दौलत पैदा होती है। चाहे जमीन पर किसान काम करता है, या कारखाने में, या दुकान में या कारीगर, उससे काम चलता है। कुछ बड़े अफसर दफ्तरों में बैठके इंतजाम करते हैं, वह दौलत नहीं पैदा करते हैं। दौलत पैदा करता है किसान अपनी मेहनत से, या कारीगर। तो हमें अपने काम, अपनी मेहनत को आगे बढ़ाना है। अभी मुझे खुशी हुई देखकर कि पंजाब के सूबे में काम करने के वक्त (घंटों) को बढ़ाया गया। इससे पंजाब की दौलत बढ़ेगी। पंजाब के लोगों को फायदा होगा और किसी को नहीं। हमारे यहां छुट्टियां हैं, इतनी छुट्टियां हैं कि इसमें कोई मुल्क हमारा मुकाबला नहीं कर सका, दुनियाभर में। छुट्टी अच्छी चीज है, आदमी को ताजा करती है। लेकिन जरूरत से ज्यादा छुट्टी जरा कमजोर भी कर देती है और काम की आदत भी निकल जाती है।