यूक्रेनी सेना के हाथ में पाकिस्तानी हथियार, तस्वीर ने खोली झूठे शहबाज की पोल, पुतिन अब क्या करेंगे?

कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध में तटस्थता का दावा करने वाले पाकिस्तान की पोल खुल गई है। हाल में ही यूक्रेनी सैनिकों के हाथों में पाकिस्तान में बने हथियारों को देखा गया है। इसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर मौजूद है। तस्वीर में यूक्रेनी सैनिकों को पाकिस्तान में बने यारमुक रॉकेट को मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम में लोड करते हुए साफ देखा जा सकता है। कुछ दिनों पहले हमारे सहयोगी प्रकाशन इकनॉमिक टाइम्स ने बताया था कि यूक्रेन को पाकिस्तानी हथियार यूरोप के रास्ते भेजे जा रहे हैं। इसके लिए अमेरिकी मालवाहक जहाजों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने भी यूक्रेन को हथियार भेजने के लिए पाकिस्तानी आर्डिनेंस फैक्ट्री के साथ समझौता किया है। कैसे खुली पाकिस्तान की पोलयूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल होने वाले हथियारों पर नजर रखने वाले यूक्रेन वेपन्स ट्रैकर’ नाम के एक ट्विटर अकाउंट ने पाकिस्तानी हथियारों की तस्वीर को ट्वीट किया है। उसने लिखा, ”पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में यूक्रेनी सेना के लिए अधिक हथियार बनाए गए हैं। इस बार BM-21 ग्रेड के लिए 122एमएम की यारमुक एचई-फ्रैग रॉकेट। ये रॉकेट सोवियत 9एम22यू की कॉपी है, जिसकी रेंज 20.5 किमी है और इसे किसी तीसरे पक्ष के माध्यम से खरीदा गया है।” इससे पता चलता है कि पाकिस्तान में बने हथियार अब यूक्रेन तक पहुंच चुके हैं और उनका इस्तेमाल रूस के खिलाफ किया जा रहा है। पाकिस्तानी गोले का पहले से ही इस्तेमाल कर रहा यूक्रेनपाकिस्तान में बने गोले पहले ही यूक्रेनी तोपखाने में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इसे यूक्रेन के यूक्रेन के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के फेसबुक पर एक तस्वीर में देखा जा सकता है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, ये गोले यूक्रेन को तीसरे पक्ष से मिले हैं, क्योंकि पाकिस्तान ने यूक्रेन को कोई सैन्य सहायता भेजने की बात स्वीकार नहीं की है। पिछसे साल अक्टूबर में ब्रिटेन ने पाकिस्तान से रोमानिया के बीच हवाई मार्ग से हथियारों का आपूर्ति की थी। ऐसे में अटकलें हैं कि ब्रिटेन ने ही पाकिस्तान ने इन गोलों की खरीद की होगी और उन्हें यूक्रेन तक पहुंचाया होगा। यूक्रेन को हथियार सप्लाई के लिए नाटो ने निकाला रास्ताअमेरिका समर्थक कई देश यूक्रेन को सीधे गोला-बारूद की आपूर्ति करने से कतरा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने किसी तीसरे देश के जरिए यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति का रास्ता अपनाया है। पाकिस्तान के अलावा दक्षिण कोरिया भी इसी तरीके से यूक्रेन को 155एमएम के तोपखाने के गोले की आपूर्ति कर रहा है। दक्षिण कोरिया से ये गोले अमेरिका खरीद रहा है, जिसे यूक्रेन भेजा जाएगा। यूक्रेन के लिए तोपखानों के गोलों की आपूर्ति बड़ी समस्या बनी हुई है। यूक्रेनी सेना हर दिन 5000 गोलों को फायर कर रही है, वहीं उसे इसकी तुलना में बेहद कम गोलों की आपूर्ति हो पा रही है। यूक्रेन को हथियार सप्लाई पर झूठ बोलता रहा है पाकिस्तानपाकिस्तान शुरू से ही यूक्रेन को कोई सीधी सैन्य सहायता भेजने से इनकार करता रहा है। पहले भी ऐसी खबरें थी कि पाकिस्तान ने पश्चिमी सहायता के बदले ग्रैड मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर के लिए 10,000 रॉकेट और 44 टी-80 टैंक देने का वादा किया था। हालांकि, पिछले महीने पाकिस्तान के अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से इस तरह के दावों का खंडन किया और दोहराया कि उनका देश संघर्षों में हस्तक्षेप न करने की अपनी नीति के साथ खड़ा है। उस समय, पाकिस्तानी विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने पाकिस्तान के हथियारों की आपूर्ति की रिपोर्टिंग को गलत बताया था।पुतिन के सामने दोहरी समस्याकंगाली में डूबा पाकिस्तान अभी तक सस्ते तेल के लिए रूस का मुंह देख रहा था। इतना ही नहीं, पाकिस्तान अपनी अवाम का पेट भरने के लिए रूस से गेहूं का भी आयात कर रहा है। वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के खिलाफ पाकिस्तान को खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे। वे चाहते थे कि पाकिस्तान को मदद कर भारत पर दबाव बढ़ाया जाए। इसके लिए पुतिन बाकायदा पाकिस्तान का दौरा भी करने वाले थे। इस दौरान दोनों देशों में गैस पाइपलाइन को लेकर समझौता होने की भी संभावना थी। लेकिन, पाकिस्तानी हथियारों की यूक्रेन सप्लाई ने उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है।